Gold Price Today In India (सोना का भाव आज का) 3 March 2026 : सोने की कीमतों में लगातार बदलाव जारी है। ईरान और अमेरिका-इजराइल युद्ध के बीच सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। लेकिन आज फिर गिरावट हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना का वायदा भाव आज रात तक 2.57% लुढ़कर यानी 4264 रुपये गिरकर 1,61,810 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। पिछले दिन यह 1,62,104 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। गौर हो कि वायदा बाजार में सोना 29 जनवरी को 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर था। इंटरनेशनल मार्केट में हाजिर सोना का रेट 1.26% बढ़कर 5,738 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। COMEX गोल्ड रेट आज करीब 1% ऊपर है, जो 5300 डॉलर के लेवल से ऊपर है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक दिल्ली में 24 कैरेट वाले के सोने की कीमत 8,100 रुपये बढ़कर 1,72,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) हो गई। उधर गुडरिटर्न्स के मुताबिक 24 कैरेट का सोना 1,70,170 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। वहीं इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार सोमवार को बाजार बंद होने तक बढ़कर 1,67,471 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। चूंकि आज होली की वजह से सर्राफा बाजार बंद है, इसलिए आज यही भाव मान्य रहेगा। आगे IBJA के ताजा आंकड़ों के आधार पर अब 24, 23, 22, 18 और 14 कैरेट सोने का भाव जानिए। इसके साथ ही सोने के गहने खरीदने वाले अपने शहर के ताजा रेट (Gold jewellery rates) नीचे देख सकते हैं।
सोना का ताजा भाव जानिए
IBJA के मुताबिक आज का सोने का भाव इस प्रकार है :- (Gold Rate Today in Hindi)
- सोना 24 कैरेट: 167471 रुपये प्रति 10 ग्राम
- सोना 23 कैरेट: 166800 रुपये प्रति 10 ग्राम
- सोना 22 कैरेट: 153403 रुपये प्रति 10 ग्राम
- सोना 18 कैरेट: 125603 रुपये प्रति 10 ग्राम
- सोना 14 कैरेट: 97971 रुपये प्रति 10 ग्राम
24 कैरेट, 22 कैरेट, 18 कैरेट सोना का भाव इस प्रकार है? (Aaj ka Gold Price Kya Hai) | City wise Gold Price (प्रति 10 ग्राम)
| शहर | 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) | 18 कैरेट सोना (10 ग्राम) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹170170 | ₹156000 | ₹127670 |
| मुंबई | ₹170020 | ₹155850 | ₹127520 |
| कोलकाता | ₹170020 | ₹155850 | ₹127520 |
| चेन्नई | ₹170730 | ₹156500 | ₹134000 |
| पटना | ₹170070 | ₹155900 | ₹127570 |
| लखनऊ | ₹170170 | ₹156000 | ₹127670 |
| मेरठ | ₹170170 | ₹156000 | ₹127670 |
| अयोध्या | ₹170170 | ₹156000 | ₹127670 |
| कानपुर | ₹170170 | ₹156000 | ₹127670 |
| गाजियाबाद | ₹170170 | ₹156000 | ₹127670 |
| नोएडा | ₹170170 | ₹156000 | ₹127670 |
| गुरुग्राम | ₹170170 | ₹156000 | ₹127670 |
| चंडीगढ़ | ₹170170 | ₹156000 | ₹127670 |
| जयपुर | ₹170170 | ₹156000 | ₹127670 |
| लुधियाना | ₹170170 | ₹156000 | ₹127670 |
| गुवाहाटी | ₹170020 | ₹155850 | ₹127520 |
| इंदौर | ₹170070 | ₹155900 | ₹127570 |
| अहमदाबाद | ₹170070 | ₹155900 | ₹127570 |
| वडोदरा | ₹170070 | ₹155900 | ₹127570 |
| सूरत | ₹170070 | ₹155900 | ₹127570 |
| नागपुर | ₹170020 | ₹155850 | ₹127520 |
| पुणे | ₹170020 | ₹155850 | ₹127520 |
| नासिक | ₹170050 | ₹155880 | ₹127550 |
| बैंगलोर | ₹170020 | ₹155850 | ₹127520 |
| भुवनेश्वर | ₹170020 | ₹155850 | ₹127520 |
| कटक | ₹170020 | ₹155850 | ₹127520 |
| केरल | ₹170020 | ₹155850 | ₹127520 |
| रायपुर | ₹170020 | ₹155850 | ₹127520 |
| हैदराबाद | ₹170020 | ₹155850 | ₹127520 |
पिछले दिन क्या रहा सोना का भाव
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक सोमवार को देश की राजधानी दिल्ली में कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हुआ। मिडिल ईस्ट में लड़ाई बढ़ने के बाद इन्वेस्टर्स के सेफ-हेवन एसेट्स की तरफ जाने से सोना 1.73 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया। बुलियन मार्केट में, 99.9 परसेंट प्योरिटी वाले यानी 24 कैरेट के सोने की कीमत 8,100 रुपये या 4.92 परसेंट बढ़कर 1,72,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) हो गई। पिछले मार्केट सेशन में यह 1,64,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड USD 116.38, या 2.21 परसेंट बढ़कर USD 5,394.28 प्रति औंस हो गया।
पिछले दिन सोना का वायदा भाव
मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल अनुबंध के लिए सोना 5,811 रुपये यानी 3.6 प्रतिशत बढ़कर 1,67,915 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं के वायदा कारोबार में तेजी का रुझान देखा गया। सोना 161.8 डॉलर यानी 3.08 प्रतिशत चढ़कर 5,409.7 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा कि सोमवार को सोने की कीमतों में तेज उछाल आया, क्योंकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से सेफ-हेवन खरीदारी जोरों पर थी। यह बढ़ोतरी वीकेंड में ईरान पर अमेरिका और इजराइल के मिलकर किए गए मिलिट्री हमलों के बाद हुई, जिसके नतीजे में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, जिससे ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में हलचल मच गई और बुलियन की तरफ तेजी से रुझान बढ़ा।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि सोमवार को स्पॉट गोल्ड 2 परसेंट से अधिक चढ़ा, जो USD 5,400 प्रति औंस के लेवल के आसपास चढ़कर दो महीने में अपने सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया, क्योंकि मिडिल ईस्ट में टेंशन में तेज बढ़ोतरी ने सेफ-हेवन डिमांड को बढ़ावा दिया। गांधी ने कहा कि संघर्ष के बढ़ते ज्योग्राफिक दायरे ने रीजनल स्टेबिलिटी, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और मुख्य ग्लोबल ट्रेड रूट्स में संभावित रुकावटों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस बढ़ोतरी ने ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में बड़े पैमाने पर रिस्क-ऑफ मूव शुरू कर दिया है, इक्विटी पर दबाव है और इन्वेस्टर्स अपना पैसा सोने जैसे ट्रेडिशनल डिफेंसिव एसेट्स की ओर लगा रहे हैं।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक LKP सिक्योरिटीज के VP रिसर्च एनालिस्ट कमोडिटी और करेंसी जतीन त्रिवेदी ने कहा कि आने वाला हफ्ता US के लिए डेटा-हैवी रहेगा, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और नॉन-मैन्युफैक्चरिंग PMI, ADP नॉन-फार्म एम्प्लॉयमेंट चेंज और अनएम्प्लॉयमेंट डेटा आने वाले हैं। उन्होंने आगे कहा कि डेटा रिलीज से कीमतों में और उतार-चढ़ाव आ सकता है क्योंकि पार्टिसिपेंट्स फेडरल रिजर्व की पॉलिसी उम्मीदों का फिर से आकलन करेंगे।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के जिंस विश्लेषक मानव मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद सुबह के कारोबार में सोना के वायदा में तेजी और बढ़ गई। इंडसइ्ंड सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी ने कहा कि इन हमलों से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ी है और तेल-समृद्ध खाड़ी क्षेत्र में समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है। ऐसे में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोना 5,400 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया, जो एक महीने से अधिक का उच्च स्तर है।
त्रिवेदी ने कहा कि फरवरी में सोना लगातार सातवें महीने लाभ दर्ज करने में सफल रहा जो 1973 के बाद तेजी का सबसे लंबा दौर है। यह तेजी भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीद और निवेशकों के सरकारी बॉन्ड एवं मुद्राओं से दूरी बनाने के कारण रही।
