शेयर बाजार में उथल-पुथल के बीच SIP कैसे करें? निवेशक हैं तो आसान और स्पष्ट रणनीति को समझें
- Authored by: आलोक कुमार
- Updated Dec 6, 2025, 10:00 AM IST
शेयर बाजार में निवेश पर रिस्क बहुत होता है। इस जोखिम से बचने के लिए सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) एक बेस्ट तरीका है। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि सिप के जरिये निवेशक लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि जब शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हो तो सिप निवेशकों के लिए रणनीति क्या होनी चाहिए?
सिप
पिछले कुछ सालों में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) का क्रेज तेजी से बढ़ा है। मेट्रो सिटी के अलावा अब छोटे शहरों और गांव में रहने वाले लोग भी सिप कर रहे हैं। हालांकि, पिछले दो साल से सिप निवेशक निराश हैं। शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों को बहुत कम या निगेटिव रिटर्न मिला है। कई म्यूचुअल फंड स्कीम ने पिछले एक साल में नकारात्म रिटर्न दिया है। ऐसे स्थिति में एक निवेशक को क्या रणनीति अपनानी चाहिए? मार्केट एक्सपर्ट का क्या है कहना? आइए विस्तार से समझते हैं।
SIP का मकसद ही जोखिम को कम करना
मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि SIP का मकसद ही शेयर बाजार के जोखिम को पूरी तरह से खत्म करना होता है। SIP का स्ट्रक्चर ही मार्केट के उतार-चढ़ाव को झेलने के लिए बनाया गया है। अलग-अलग प्राइस पॉइंट पर यूनिट खरीदने से इन्वेस्टर्स को मार्केट गिरने पर भी कॉस्ट एवरेजिंग का फायदा मिलता है। यह लंबी अवधि में निवेशकों को तगड़ा रिटर्न दिलाने में मदद करता है। अगर किसी निवेशक को सिप के जरिये तगड़ा रिटर्न लेना है तो उतार-चढ़ाव से डरने के बजाय लंबी अवधि के लिए निवेश करते रहना चाहिए। हमेशा इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि मार्केट में उतार-चढ़ाव आने पर SIP सिस्टमैटिक तरीके से वेल्थ क्रिएशन का काम करता है।
समय के साथ SIP में बदलाव करना चाहिए?
मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि बढ़ती दरें या महंगाई कम समय के सिप के रिटर्न पर असर डाल सकती हैं, लेकिन कंपाउंडिंग लंबे समय में बेहतर रिटर्न दिलाने में मदद करती है। हालांकि, समय के साथ रणनीति बदलने की जरूरत होती है। इसलिए, फंड चुनते समय, शॉर्ट-टर्म की बजाय रिस्क लेने की क्षमता और इन्वेस्टमेंट की क्षमता को देखना चाहिए। लार्ज कैप्स फंड कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए सही होते हैं और तुलनात्मक रूप से स्टेबल रिटर्न देते हैं। मिड और स्मॉल कैप्स के लिए लंबे समय और तेज उतार-चढ़ाव को झेलने की जरूरत होती है। हाइब्रिड फंड्स मॉडरेट-रिस्क इन्वेस्टर्स के लिए बैलेंस होते हैं।
गिरते मार्केट में घबराएं नहीं, मौका समझें
मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि जब शेयर बाजार में गिरावट हो तो घबराना नहीं चाहिए। मार्केट गिरने पर डिसिप्लिन बनाए रखना चाहिए और निवेश करते रहना चाहिए। SIP को बहुत करीब से ट्रैक करने से बचना चाहिए और इसके बजाय इन्वेस्टमेंट के समय पर ध्यान देना चाहिए।शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान गोल साफ होना चाहिए– रिटायरमेंट, एजुकेशन या लॉन्ग-टर्म।
बाजार में गिरावट अक्सर SIP के पक्ष में काम करते हैं क्योंकि वे निचले लेवल पर यूनिट खरीदने का मौका देते हैं। इसलिए जब तक फाइनेंशियल हालात नहीं बदलते, निवेशकों के लिए लगातार सिप करते रहना चाहिए। साथ ही समय-समय पर पोर्टफोलियो का रिव्यू करना चाहिए।
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