Singhania settlement: रेमंड कंपनी के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने हाल ही में पत्नी नवाज मोदी सिंघानिया से तलाक लेने की बात कही थी। ऐसे में अब अलग होने के लिए पत्नी नवाज मोदी ने शर्त रखी है, जिसमें उन्होंने 1.4 बिलियन डॉलर (करीब 11,620 करोड़ रुपये) की कुल संपत्ति में 75% की हिस्सेदारी बेटी निहारिका, निशा और अपने लिए मांगी है। इकोनॉमिक्स टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में इसके बारे में जानकारी दी है।
गौतम सिंघानिया और नवाज मोदी सिंघानिया।
सिंघानिया अपनी पत्नी से सहमत
रिपोर्ट के अनुसार, सिंघानिया अपनी पत्नी से अलग होने के लिए उनकी शर्त से काफी हद तक सहमत हैं, लेकिन उन्होंने एक फैमली ट्रस्ट बनाने का सुझाव दिया है। सिंघानिया ने उस ट्रस्ट में परिवार की वेल्थ और एसेट्स को ट्रांसफर करने के लिए कहा है, जहां वह एकमात्र मैनेजिंग ट्रस्टी होंगे।
गौतम सिंघानिया की मौत के बाद उनके परिवार के सदस्यों को उनकी संपत्ति की वसीयत करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, नवाज मोदी फैमली ट्रस्ट बनाने के सुझाव से सहमत नहीं हैं।
नवाज मोदी सिंघानिया बोलीं- अभी कोई निर्णय नहीं हुआ
इकोनॉमिक्स टाइम्स ने बताया है कि उन्होंने गौतम सिंघानिया को मेल भेजकर इसके बारे में पूछा है, लेकिन अभी तक उन्होंने कोई भी जवाब नहीं दी है। जबकि नवाज मोदी सिंघानिया ने रविवार को भेजे गए इमेल के जवाब में कहा है कि पिछले कुछ हफ्तों से इसके बारे में चर्चा चल रही है, अभी यह इनिशियल स्टेज में है। अभी तक कोई भी निर्णय नहीं हुआ है।
ट्रस्ट में मुख्य रूप से होते हैं तीन पक्ष
ट्रस्ट कानून से परिचित लोगों ने बताया,'इसमें मुख्य रूप से तीन पक्ष होते हैं - एक सेटलर, जो ट्रस्ट में पैसा लगाता है। एक ट्रस्टी, जो एडमिनिस्ट्रेटर और बैनिफिशरी के रूप में काम करता है। तीनों में से एक को अलग होना चाहिए। ट्रस्ट में रिलेशनशिप पहले कानून बाद में आता है। सेटलर ट्रस्ट का ट्रस्टी हो सकता है,लेकिन तीनों नहीं हो सकते हैं।
6 दिन पहले सिंघानिया ने अलग होने का किया था ऐलान
गौतम सिंघानिया ने 6 दिन पहले 13 नबंवर को अपनी पत्नी नवाज मोदी सिंघानिया से अलग होने की जानकारी दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और X पर लिखा था- कि "यह दीपावली बीते सालों की तरह नहीं होने वाली है। उन्होंने अलग होने का निर्णय शादी के 32 साल बाद लिया है।
