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Silver Rally 2025: चांदी की कीमत अब ₹2 लाख की ओर, क्यों तेजी से बढ़ रही है चमक और निवेशक अभी क्या करें?

Silver Rally 2025: चांदी की कीमतें लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही हैं। एक ही दिन में यह ₹11,500 प्रति किलोग्राम बढ़कर ₹1,92,000 पर पहुंच गई। साल की शुरुआत से अब तक चांदी में ₹1,02,300 (114%) की तेजी दर्ज हुई है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि कीमतें साल के अंत तक ₹2 लाख तक जा सकती हैं, जबकि कुछ बड़ी गिरावट की संभावना भी जताते हैं।

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चांदी ने तोड़े सभी रिकॉर्ड: एक दिन में ₹11,500 की छलांग, नए शिखर पर पहुंची कीमत

Silver Rally 2025 : चांदी की कीमतें लगातार रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहा है। एक ही दिन में चांदी ₹11,500 प्रति किलोग्राम तक महंगी हो गई और इसकी कीमतें ₹1,92,000 प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार मंगलवार को चांदी का भाव ₹1,80,500 प्रति किलोग्राम था। बुधवार को इसमें ₹11,500 की बड़ी बढ़त दर्ज की गई। इस उछाल के साथ चांदी ने देश के खुदरा बाजारों में हलचल मचा दी। एक्सपर्ट्स यह अनुमान लगाने लगे कि इस साल के अंत तक कीमत 2 लाख रुपये प्रतिकिलो तक जा सकता है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि बड़ी गिरावट भी हो सकती है। साल की शुरुआत से अब तक यानी 31 दिसंबर 2024 से लेकर अब तक चांदी में ₹1,02,300 प्रति किलोग्राम की बढ़त हो चुकी है। यह 114% से अधिक की वृद्धि है, जो कमोडिटी बाजार में बेहद बड़ी उछाल मानी जा रही है।

दो महीनों में सबसे तेज उछाल

ऐसी तेज एक-दिवसीय छलांग इससे पहले 10 अक्टूबर 2024 को देखने को मिली थी, जब चांदी की कीमतें एक दिन में ₹8,500 बढ़कर ₹1,71,500 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थीं। हालांकि बुधवार को आई गर्मी ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। जबकि चांदी की तुलना में सोना बुधवार को अपेक्षाकृत सीमित बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। 99.9% शुद्धता वाले सोना यानी 24 कैरेट वाला सोना का दाम ₹800 बढ़कर ₹1,32,400 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। मंगलवार को यह ₹1,31,600 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। कमोडिटी विशेषज्ञों का कहना है कि सोने को भी वैश्विक संकेतों से सहारा मिला है, लेकिन चांदी की तुलना में यह उछाल बेहद कम है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हो रहा है?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बुधवार को स्पॉट सिल्वर ने दुनिया भर में धूम मचा दी। बुधवार को यह 1.53% बढ़कर USD 61.60 प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। मंगलवार को भी इसमें USD 2.66 (4.58%) की तेज बढ़त हुई थी। पिछले दो सत्रों में चांदी ने कुल USD 3.44 (करीब 6%) की छलांग लगाई है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय कीमतें USD 58.16 प्रति औंस थीं, जो दो दिनों में ही रिकॉर्ड स्तर तक जा पहुंचीं।

विशेषज्ञ क्यों कह रहे हैं कि चांदी अभी और चढ़ सकती है?

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने बताया कि चांदी की कीमतें USD 60 का स्तर पार करते ही तेजी से उभरने लगीं। उनके अनुसार, यह उछाल कई कारणों से आया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खनन और प्रसंस्करण से जुड़ी चुनौतियों के कारण चांदी की उपलब्धता घट रही है। चांदी से जुड़े एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) में लगातार इंफ्लो बढ़ रहा है, जिससे कीमतों को अतिरिक्त मजबूती मिल रही है। गांधी के अनुसार, रुझान बताते हैं कि चांदी में आगे भी मजबूती जारी रह सकती है।

चांदी

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2.25 लाख रुपये तक पहुंच सकती है चांदी की कीमत

Kedia Advisory के अजय केडिया के अनुसार, चांदी ने टेक्निकल चार्ट पर एक महत्वपूर्ण कप एंड हैंडल पैटर्न बनाया है। यह लंबे समय तक तेजी का संकेत देता है। यानी अभी चांदी में और तेजी जारी रह सकती है। चांदी ने 173965 के महत्वपूर्ण लेवल को पार कर लिया है। इसके ऊपर टिके रहने का मतलब है कि चांदी की कीमत 200000 रुपये तक जा सकती है। तकनीकी संकेतक भी तेजी की ओर इशारा कर रहे हैं।

₹1,80,000 से ₹2,00,000 के बीच इस साल के अंत तक

कमोडिटी और करेंसी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि उम्मीद है कि कभी-कभी प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद, इस साल के आखिर तक MCX चांदी की कीमतें ₹2 लाख तक पहुंच जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस महीने के आखिर तक चांदी ₹2 लाख के लेवल पर हो सकती है। कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी के कारण कुछ प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है। इस महीने मेटल की रेंज ₹1,80,000 से ₹2,00,000 प्रति किलोग्राम हो सकती है।

बड़ी गिरावट भी आ सकती है!

केडिया कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और निदेशक, अजय केडिया ने बताया कि नए साल तक चांदी की कीमत 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। वहीं, करेक्शन की स्थिति में चांदी 1.40 लाख रुपये तक आ सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया में युद्ध लड़ रहे देशों के बीच शांति स्थापित करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होते ही चांदी में करेक्शन आ सकता है।

5 साल में भाव 6 लाख रुपये तक पहुंचने की उम्मीद

कमोडिटी एक्सपर्ट, अनुज गुप्ता के अनुसार, दुनियाभर में चांदी की मांग तेजी से बढ़ी है। इंडस्ट्रियल मांग में कमी आने वाली नहीं है। इसलिए लॉन्ग टर्म में चांदी में तेजी बनी रहेगी। अगले 5 साल में चांदी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 300 डॉलर प्रति औंस और भारतीय बाजार में 500000 से 600000 रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं, 10 साल में देखें तो यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में 800 डॉलर प्रति औंस और भारतीय बाजार में 1200000 से 1500000 रुपये तक पहुंच सकती है।

व्यापारियों और निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब?

चांदी के नए रिकॉर्ड का मतलब है कि अभी भाव ऊंचे स्तर पर हैं, इसलिए शॉर्ट-टर्म खरीद में जोखिम बढ़ गया है। लेकिन लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह रुझान बताता है कि वैश्विक स्तर पर चांदी की मांग लगातार मजबूत हो रही है। औद्योगिक क्षेत्र, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल उद्योग में उपयोग बढ़ने से चांदी की कीमतें आगे भी समर्थन पा सकती हैं।

चांदी ने घरेलू ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी ताबड़तोड़ रफ्तार दिखाई है। दिल्ली में इसका ₹1,92,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंचना ऐतिहासिक है। फेडरल रिजर्व की नीतियों, डॉलर की चाल और वैश्विक मांग पर निर्भर करता है कि आने वाले दिनों में यह तेजी कहां तक जाती है। सोने ने भी धीरे-धीरे सपोर्ट पाया है, लेकिन फिलहाल चमक पूरी तरह चांदी के नाम रही और बाजार उसी की चर्चा में डूबा हुआ है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आपको निवेश करना है तो एक्सपर्ट्स से संपर्क करें)

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रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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