सोने और चांदी की कीमत में आज बड़ी गिरावट है। MCX पर चांदी की कीमत सोमवार को 8,245 रुपये की गिरावट के साथ 2,40,292 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में चांदी का भाव 1.25 प्रतिशत टूटकर 66.98 डॉलर प्रति औंस हो गया। सोने की कीमत भी 2,374 रुपये टूटकर 1,53,220 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोने का वायदा भाव 0.96 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,286.81 डॉलर प्रति औंस रह गया। पिछले कई दिनों से सोने और चांदी में गिरावट है। ऐसे में क्या आने वाले दिनों में और गिरावट आ सकती है। आइए कमोडिटी एक्सपर्ट से जानते हैं कि उनका क्या अनुमान है?
सोना और चांदी
सोने 1,100 रुपये गिरा, चांदी 5,000 रुपये टूटी
दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमतों में 1,100 रुपये की गिरावट दर्ज की गई और यह 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच यह गिरावट आई। स्थानीय सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना शुक्रवार के बंद भाव 1,59,900 रुपये प्रति 10 ग्राम से 1,100 रुपये घटकर 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) रह गया। इसी तरह, चांदी की कीमतों में भी दबाव देखने को मिला। चांदी का भाव 5,000 रुपये टूटकर 2,55,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर आ गया। पिछले सत्र में इसका बंद भाव 2,60,700 रुपये प्रति किलोग्राम था।
ईरान युद्ध बढ़ा तो और सस्ता होगा सोना-चांदी
एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष शोध विश्लेषक जिंस एवं मुद्रा जतिन त्रिवेदी ने कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते निवेशकों का ध्यान सुरक्षित निवेश विकल्पों से हट गया, जिससे पिछले सप्ताह सोने का प्रदर्शन कमजोर रहा। उन्होंने कहा कि रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती ने भी कीमती धातुओं पर अतिरिक्त दबाव डाला, जिससे घरेलू बाजार अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में कमजोर रहा। विदेशी व्यापार में सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा और सप्ताह के अंत में इसमें गिरावट दर्ज की गई, जबकि औद्योगिक धातुओं में तेजी से आई गिरावट के कारण चांदी की कीमतों में भी भारी कमी आई। विश्लेषकों के अनुसार, इसके साथ ही यूरोपीय केंद्रीय बैंक के मौद्रिक नीति निर्णय पर भी बाजार की नजर रहेगी, क्योंकि इससे सर्राफा और अन्य जिंस बाजारों पर असर पड़ सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, रूस-यूक्रेन संघर्ष में संभावित समाधान के संकेतों ने भी सर्राफा की मांग को कम किया है। त्रिवेदी ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें 4,400-4,500 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे बनी रहती हैं, तो कीमती धातुएं दबाव में रह सकती हैं। साथ ही मजबूत रुपया, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और सतर्क निवेश धारणा किसी भी तेज सुधार को सीमित कर सकते हैं।
