Bank Deposit Insurance Scheme: सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) को वित्तीय संकट के बाद दिवालिया घोषित कर बंद कर दिया गया है। ऐसे में यदि भारत में कोई बैंक बंद हो जाता है तो क्या जिनके पैसे बैंक में जमा है उन्हें वापस मिल पाएंगे! आज हम आपको इसी के बारे में बता रहे हैं।
डिपॉजिट इन्श्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन कानून
इस कानून से मिलेगा पैसा
दरअसल बैंक ग्राहकों को दिवालिया होने के बाद भी अपनी रकम वापस लेने की सुविधा डिपॉजिट इन्श्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन कानून (DICGC) के तहत देते हैं। इसके तहत बैंक में ग्राहकों ने जो रकम जमा की है उस पर 5 लाख रुपये तक की इश्योरेंस गारंटी मिलती है।
90 दिन में पैसा होगा वापस
डिपॉजिट इन्श्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन एक्ट-2021 के तहत अगर कोई बैंक डूब जाता है, तो उसके ग्राहकों को 5 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर मिलता है। अगर बैंक डूब जाता है और ग्राहकों के रकम नहीं चुका पाता है, तो नियमों के मुताबिक ग्राहकों को 5 लाख रूपये तक की राशि वापस मिल जाती है। साथ ही आरबीआई के नियमों के अनुसार AID में शामिल होने के 45 दिन के अंदर सभी ग्राहकों की जमा हुए अमाउंट और कर्ज की जानकारी देनी होती है। उसके बाद 90 दिन के अंदर DICGC को ग्राहकों के पैसे लौटाने पड़ते हैं।
इतने रुपये से ज्यादा नहीं मिलता पैसा
नियमों के मुताबिक बैंक ग्राहकों को 5 लाख रुपये तक का ही इंश्योरेंस मिलता है। यानी अगर किसी ग्राहक के बैंक में 5 लाख रुपये से ज्यादा पैसा जमा है और उसका बैंक डूब गया तो भी उसे 5 लाख रुपये ही वापस मिलेंगे। वहीं अगर किसी ग्राहक के 5 लाख रुपये से कम रकम जमा है तो उस स्थिति में पूरी जमा रकम के बराबर पैसा मिल जाता है। रकम की राशि कुल जमा की गई राशि के आधार पर तय होती है। यानी अगर किसी ग्राहक के बैंक के में कई खाते हैं तो सभी को जोड़कर कुल रकम मानी जाएगी।
