Personal Loan Prepayment and Foreclosure Rules : पर्सनल लोन की EMI हर महीने बजट पर दबाव डालती है, इसलिए बोनस, एरियर या कोई अतिरिक्त रकम मिलते ही कई लोग इसे समय से पहले खत्म करने के बारे में सोचते हैं। लेकिन, पर्सनल लोन को जल्दी बंद करना हमेशा फायदे का सौदा हो यह जरूरी नहीं है। बल्कि, यह फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि कितना ब्याज अभी बाकी है, प्रीपेमेंट और फोरक्लोजर पर कितने चार्ज लग रहे हैं। इसके अलावा लोन चुकाने के बाद आपके पास कितना कैश बचेगा।
पर्सनल लोन का हिसाब
पहले देखें कितना ब्याज बचा सकते हैं?
सबसे पहले अपने लोन का आउंटस्टैंडिंग प्रिंसिपल और कुल बकाया रकम चेक करें। अगर लोन शुरुआती दौर में ही है, तो EMIs में ब्याज का हिस्सा काफी ज्यादा होगा। ऐसे मामले में प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर फायदे का सौदा हो सकता है। वहीं, अगर लोन को चलते हुए काफी समय हो गया है, या खत्म होने वाला है, तो उसमें ब्याज का हिस्सा काफी कम हो सकता है। इसलिए केवल EMI खत्म करने के लिए भावनात्मक रूप से यह फैसला न लें।
प्रीपेमेंट चार्ज का हिसाब जरूरी
फोरक्लोजर का गणित इस पर लगने वाले चार्ज के हिसाब से बदल सकता है। हालांकि, RBI के प्रीपेमेंट चार्ज डायरेक्शन, 2025 के हिसाब से 1 जनवरी, 2026 के बाद से दिए गए इंडिविजुअल और नॉन-बिजनेस फ्लोटिंग रेट लोन पर प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज नहीं लगाया जा सकता है। हालांकि फिक्स रेट लोन या दूसरी स्थितियों में चार्ज लगाए जा सकते हैं। ऐसे में फोर क्लोजर से पहले यह जरूर चेक करें कि लोन किस तरह का है।
सारी बचत लोन चुकाने में नहीं लगाएं
कर्ज खत्म करना अच्छा लगता है, लेकिन इसके लिए अगर आपकी पूरी बचत खत्म हो जाए, तो जोखिम बढ़ जाता है। अचानक किसी भी तरह का खर्च आने की स्थिति में आपको फिर से लोन लेना पड़ सकता है। इससे बेहतर है कि आप अपने पास थोड़ी जमा पूंजी जरूर रखें। क्योंकि, कर्ज मुक्त होने से ज्यादा जरूरी वित्तीय सुरक्षा बनाए रखना है।
महंगा कर्ज पहले चुकाएं
अगर आपके पास पर्सनल लोन के साथ क्रेडिट कार्ड का आउटस्टैंडिंग भी है, तो पर्सनल लोन की जगह पहले क्रेडिट कार्ड का आउटस्टैंडिंग चुकाएं। क्योंकि, अतिरिक्त रकम को उस कर्ज में लगाना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है जिसकी लागत ज्यादा है।
निवेश बनाम कर्ज भुगतान
जब कोई लोन चुकाएं, तो यह भी जरूर ध्यान दें कि जो रकम आप चुकाने जा रहे हैं, क्या उससे ब्याज की तुलना में ज्यादा रिटर्न बनाया जा सकता है।अगर आपका पर्सनल लोन 9 फीसदी पर है और बचत की रकम से 10 फीसदी रिटर्न बना सकते हैं, निवेश के विकल्प पर भी विचार कर सकते हैं। लेकिन, अगर यह सोचते हैं कि 9 फीसदी ब्याज की जगह 8 फीसदी रिटर्न लिया जाएगा, तो सिर्फ 1 फीसदी ब्याज चुकाना होगा, तो यह फायदे का सौदा नहीं।
