दिल्ली में धरना-प्रदर्शन पर लग सकती है रोक? व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी 2 महीने की मोहलत

दिल्ली में त्योहारों के सीजन में धरना-प्रदर्शन और रैलियों को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। व्यापारियों का दावा है कि प्रदर्शनों के कारण कारोबार को करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने दो महीने तक रोक लगाने की मांग की है।

दिल्ली में त्योहारों के सीजन में धरना-प्रदर्शन और रैलियों को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। व्यापारियों का दावा है कि प्रदर्शनों के कारण कारोबार को करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने दो महीने तक रोक लगाने की मांग की है। दिल्ली के व्यापारियों की संस्था किराना कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में त्योहारी सीजन के दौरान सेंट्रल दिल्ली में धरना-प्रदर्शन और रैलियों पर रोक लगाने की मांग की गई है। व्यापारियों का कहना है कि प्रदर्शन और मार्च के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है। इससे खासकर त्योहारों के समय दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

CTI appeal

सुनवाई के दौरान व्यापारियों की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि धरना-प्रदर्शनों की वजह से करीब 2,000 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस जैसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में दुकानें बंद रहीं और बाजारों में ग्राहक नहीं पहुंचे। उनका कहना था कि दिल्ली की आबादी और शहर की जरूरतें काफी बदल चुकी हैं। ऐसे में प्रदर्शन के लिए जगह तय करने की व्यवस्था पर नए सिरे से विचार करना जरूरी है।

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