Share Market Today : भारतीय शेयर बाजार फिलहाल बड़े ट्रिगर्स के इंतजार में रेंज बाउंड कारोबार कर रहा है। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट आई। हालांकि, दिन के आखिर में दोनों इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। कारोबार के शुरुआती मिनटों में ही Sensex 538 और Nifty 158 अंक तक फिसल गया। निफ्टी जहां 23,247.30 अंक तक फिसल गया। वहीं, सेंसेक्स 73,807.30 अंक तक लुढ़क गया। हालांकि, बाद में रिकवरी देखने को मिली और निफ्टी 11 अंक ऊपर 23,416.55 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 14 अंक 74,360.01 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार में गिरावट
इस दौरान ब्रॉड मार्केट में व्यापक तेजी देखने को मिली। खासतौर पर मिड और स्मॉल कैप शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है। वहीं, सेक्टोरल मार्केट में भी चुनिंदा सेक्टर्स में तेजी है। Nifty FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल, ऑयल एंड गैस, और सीमेंट जैसे सेक्टर्स में तेजी देखने को मिल रही है।
मार्केट ब्रेड्थ मजबूत
शेयर बाजार में जून के तीन दिन निराशाजन ही रहे हैं। इस दौरान निफ्टी और सेंसेक्स में जहां बड़ी गिरावट आई है। वहीं, ओवरऑल मार्केट कैप भी गिरा है। लेकिन, गुरुवार 4 जून को ट्रेंड में हल्का बदलाव देखने को मिल रहा है। क्योंकि, मार्केट ब्रेड्थ में मजबूती बनी हुई है। NSE पर 2,810 स्टॉक्स में ट्रेडिंग हो रही है। इनमें सें 1,622 में खरीदारी का ट्रेंड है। वहीं, 1,074 स्टॉक्स में बिकवाली है। इस तरह आज बाजार में खरीदारों का पलड़ा भारी दिख रहा है। इस तरह BSE में भी 3,196 स्टॉक्स में ट्रेंडिंग हो रही है। इनमें से 1,800 में खरीदारी और 1,231 में बिकवाली देखने को मिल रही है।
अडानी ग्रुप के शेयरों में तेजी
भारत से अमेरिका तक कई कानूनी बाधाएं दूर होने के बाद रीरेटिंट की उम्मीद में निवेशक अडानी ग्रुप के शेयरों पर दांव लगा रहे हैं। Nifty में अडानी एंटरप्राइजेज टॉप गेनर स्टॉक बना हुआ है। वहीं, टाटा गुप की कंपनी ट्रेंट का शेयर निफ्टी सेंसेक्स दोनों इंडेक्स में टॉप लूजर बना है। मार्केट में ओवरऑल कंज्यूमर ड्यूरेबल्स स्टॉक टॉप गेनर्स में शामिल हैं। खासतौर पर वोल्टास और ब्लूस्टार जैसे एयरकंडीशनर बनाने वाली कंपनियों के स्टॉक्स ट्रेंड में है।
रेंज बाउंड क्यों है बाजार?
जून की शुरुआत से ही बाजार एक रेंज में फंसा है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह रिजर्व बैंक की मौद्रिक समिति की बैठक है। RBI MPC की तरफ से फिलहाल, ब्याज दरों में कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है। लेकिन, पॉलिसी स्टांस, GDP और इन्फ्लेशन को लेकर समिति का आउटलुक बेहद अहम है। अगर इनमें कोई बदलाव होता है, तो निवेशकों को उसके मुताबिक अपनी रणनीति बनानी होगी।
