Share Market Today : भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 18 अगस्त को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 218.84 अंक टूटकर 77,509.32 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 41.15 अंक गिरकर 24,246.50 पर कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स ने 77,418.97 पर कमजोर शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में 77,362.19 का निचला स्तर भी देखा। निफ्टी 24,223.85 पर खुला और 24,211.10 तक फिसला।
बाजार में गिरावट (Image Source: iStock)
बाजार ब्रेड्थ फिलहाल बहुत कमजोर नहीं है। NSE पर 1,484 शेयर बढ़त में और 1,467 शेयर गिरावट में थे। यानी तेजी और गिरावट वाले शेयरों की संख्या लगभग बराबर है। हालांकि, वोलैटिलिटी इंडेक्स India Vix 1% से ज्यादा बढ़कर 11.45 पर पहुंच गया है, जो बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत है।
क्यों फिसला बाजार?
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने और अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद कमजोर पड़ने को माना जा रहा है। अमेरिका-ईरान युद्धविराम की अवधि खत्म होने और आगे किसी समझौते पर सहमति नहीं बनने से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ा सकता है।
ग्लोबल संकेत मिलेजुले
ग्लोबल संकेत भी भारतीय बाजार के पक्ष में नहीं हैं। अमेरिका में डॉव जोंस, एसएंडपी 500 और नैस्डैक तीनों सोमवार को कमजोर बंद हुए। मंगलवार को एशियाई बाजारों में भी दबाव नजर आया। जापान का निक्केई करीब 1.6% टूटा, जबकि ताइवान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजार भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। बढ़ते तेल दाम और महंगाई को लेकर चिंता ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को कमजोर किया है।
रुपये में कमजोरी से बिगड़ा मूड
भारतीय बाजार पर रुपये की कमजोरी भी दबाव बढ़ा रही है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95.66 के आसपास कारोबार कर रहा था। बढ़ता कच्चा तेल और ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड रुपये पर दबाव बढ़ा रहे हैं। साथ ही, विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार की धारणा पर असर डाल रही है। 17 अगस्त को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने करीब 2,535 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,101 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी की।
सेक्टोरल मार्केट में दबाव
सेक्टोरल तस्वीर भी पूरी तरह सकारात्मक नहीं है। आईटी इंडेक्स करीब 1.22% नीचे है और रियल्टी इंडेक्स में 1.51% की गिरावट दिख रही है। वित्तीय सेवा, बैंक और एफएमसीजी शेयरों पर भी दबाव है। हालांकि ऑटो, फार्मा, ऑयल एंड गैस और हेल्थकेयर जैसे कुछ सेक्टर मजबूती दिखा रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में पूरी तरह बिकवाली के बजाय निवेशक चुनिंदा सेक्टर और शेयरों में पैसा लगा रहे हैं।
