Share Market Closing: दिवाली से पहले निवेशकों की पार्टी जारी है। कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शेयर बाजार में आज हल्की बढ़त देखी गई, जिसमें सेंसेक्स 484 अंकों की तेजी के साथ और निफ्टी 124 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ। निवेशकों का उत्साह मुख्य रूप से मजबूत कॉरपोरेट रिजल्ट और विदेशी निवेश के संकेतों से बढ़ा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स दोनों ही 52 हफ्तों के हाई पर पहुंच गए। तीन कारोबारी दिनों में निफ्टी में कुल 631.25 अंकों की बढ़त दर्ज हुई, जबकि सेंसेक्स ने इस दौरान 2,132.73 अंकों का उछाल मारा।
विशेष रूप से शुक्रवार को सेंसेक्स दोपहर 12:30 बजे 692.50 अंकों की तेजी के साथ 84,153.63 अंक पर कारोबार कर रहा था और कारोबारी सत्र के दौरान यह लगभग 700 अंकों की बढ़त के साथ 84,172.24 अंक तक पहुंच गया, जिससे यह एक साल के हाई पर दिखा। वहीं, निफ्टी 191.05 अंकों की तेजी के साथ 25,775.75 अंक पर ट्रेड कर रहा था और सत्र के दौरान यह 25,781.50 अंक के साथ 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया।
इस तेजी के चलते निवेशकों को भी बड़ा लाभ हुआ। बीएसई के मार्केट कैप की बात करें तो 14 अक्टूबर को यह 4,59,67,652.36 करोड़ रुपए था, जो 17 अक्टूबर को बढ़कर 4,68,65,434.88 करोड़ रुपए हो गया। यानी केवल तीन कारोबारी दिनों में निवेशकों को लगभग 9 लाख करोड़ रुपए का फायदा हुआ।
इन शेयरों में तेजी
शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक लाभ पाने वाले शेयर में एशियन पेंट्स, मैक्स हेल्थ, नेस्ले इंडिया, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अपोलो हॉस्पिटल शामिल हैं। वहीं, सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले शेयर थे: विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, ज़ोमैटो (इटरनल), टेक महिंद्रा और इंफोसिस।
सेक्टोरल इंडेक्स का हाल
आज आईटी सेक्टर में करीब 1% की गिरावट रही, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1% की बढ़त देखी गई। ऑटो सेक्टर का सूचकांक भी 0.5% ऊपर गया।
ग्लोबल बाजार का हाल
एशियाई शेयर बाजार में शुक्रवार को गिरावट रही। वॉल स्ट्रीट के वायदा शेयरों में S&P 500 और नैस्डैक दोनों 0.3% टूटे। यूरोपीय वायदा शेयरों में 0.7% की गिरावट आई, जबकि FTSE वायदा 0.9% कमजोर हुआ। जापान के बाहर एशिया-प्रशांत का MSCI सबसे बड़ा सूचकांक 0.9% गिर गया, जिससे सप्ताह नकारात्मक सत्र में समाप्त हुआ। जापान का निक्केई बैंकिंग सेक्टर में कमजोरी के कारण 1% नीचे आया। वहीं, चीन के ब्लू चिप्स (.CSI300) और हांगकांग का हैंग सेंग (.HSI) दोनों 1.4% टूटे।
तेल की कीमतों में भी गिरावट जारी रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन युद्ध समाप्त करने पर चर्चा के लिए जल्द ही हंगरी में मिलने की संभावना के बाद, अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत 0.7% गिरकर 57.04 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट ऑयल 0.7% गिरकर 60.63 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
