Stock Market Today: ग्लोबल बाजारों से आज भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty करीब 190 अंक नीचे कारोबार कर रहा है। अमेरिका और एशिया के बाजारों में गिरावट, कच्चे तेल में उछाल और डॉलर की मजबूती के बीच आज निफ्टी करीब 200 अंक तक गैप डाउन खुल सकता है। इसी तरह सेंसेक्स भी 400 से 600 अंक के दबाव में खुल सकता है।
बाजार में कमजोरी के संकेत
युद्ध तनाव से बाजारों में दबाव
अमेरिकी बाजार बुधवार को कमजोरी के साथ बंद हुए। निवेशकों ने हल्के महंगाई आंकड़ों को नजरअंदाज करते हुए मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव पर ज्यादा फोकस किया। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। डो जोंस 289 अंक यानी 0.61% गिरकर 47,417 पर बंद हुआ। वहीं S&P 500 में हल्की 0.08% की गिरावट रही और यह 6,775 पर बंद हुआ। टेक शेयरों के सहारे Nasdaq Composite मामूली बढ़त के साथ 22,716 पर बंद हुआ।
GIFT Nifty से कमजोर संकेत
भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत भी कमजोर हैं। GIFT Nifty करीब 191 अंक यानी 0.80% टूटकर 23,724 के आसपास कारोबार कर रहा है। इससे संकेत मिल रहा है कि घरेलू बाजार की शुरुआत दबाव में हो सकती है। ग्लोबल जोखिम बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से निवेशकों की सतर्कता बढ़ी हुई है।
एशियाई बाजारों में गिरावट
गुरुवार सुबह एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिल रही है। जापान का Nikkei 225 करीब 2% गिरा, जबकि Hang Seng 1.25% नीचे कारोबार कर रहा है। दक्षिण कोरिया का Kospi 1% से ज्यादा गिरा और ताइवान का बाजार भी दबाव में दिखा। हालांकि चीन का Shanghai Composite हल्की गिरावट के साथ स्थिर बना हुआ है।
कच्चे तेल में तेज उछाल
मध्य-पूर्व तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल पर दिख रहा है। Brent crude 9% उछलकर 100 डॉलर के ऊपर पहुंच गया है, जबकि WTI crude भी 9% की तेजी के साथ 95 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। तेल की कीमतों में यह उछाल वैश्विक महंगाई और केंद्रीय बैंकों की नीति को लेकर चिंता बढ़ा सकता है।
डॉलर मजबूत, क्रिप्टो में गिरावट
सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशकों का रुख डॉलर की ओर बढ़ा है। डॉलर इंडेक्स मजबूत होकर इस साल के ऊंचे स्तर के करीब बना हुआ है।वहीं, क्रिप्टो बाजार में कमजोरी दिखी है। Bitcoin करीब 0.6% गिरकर 70,231 डॉलर पर और Ether 0.8% गिरकर 2,053 डॉलर पर कारोबार कर रहा है।
क्यों दबाव में रह सकता है बाजार
1. मध्य-पूर्व तनाव और कच्चे तेल में उछाल : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर कमोडिटी बाजार पर दिख रहा है। ब्रेंट क्रूड 9% उछलकर 100 डॉलर के पार पहुंच गया है। तेल महंगा होने से भारत जैसे आयातक देशों पर दबाव बढ़ता है, जिससे बाजार में बिकवाली का डर बढ़ जाता है।
2. ग्लोबल बाजारों में कमजोरी : अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए। डॉव जोंस करीब 289 अंक टूटा। गुरुवार सुबह एशियाई बाजारों में भी कमजोरी दिख रही है, जहां जापान का निक्केई 2% तक गिरा और हैंग सेंग में भी 1% से ज्यादा की गिरावट है। इसका असर भारतीय बाजार की धारणा पर भी पड़ता है।
3. GIFT Nifty से कमजोर संकेत : भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत भी सकारात्मक नहीं हैं। GIFT Nifty करीब 190 अंक टूटकर 23,700 के आसपास कारोबार कर रहा है। आम तौर पर GIFT Nifty की दिशा से घरेलू बाजार के ओपनिंग ट्रेंड का अंदाजा लगाया जाता है, जो फिलहाल कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है।
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