Sensex-Nifty Share Market Today: घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को मजबूती का माहौल रहा। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत क्लोजिंग दर्ज की। निफ्टी 50 172.35 अंकों की बढ़त के साथ 23,581.15 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इंडेक्स ने 23,656.80 का हाई और 23,346.60 का लो बनाया, जो दिनभर की वोलैटिलिटी के बावजूद खरीदारी की ताकत को दिखाता है। सेंसेक्स भी 567.99 अंक चढ़कर 76,070.84 पर बंद हुआ। ओपनिंग से लेकर क्लोजिंग तक बाजार में रिकवरी बनी रही, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे लौट रहा है।
मार्केट ब्रेड्थ ने दी तेजी को मजबूती
मार्केट ब्रेड्थ के आंकड़े इस तेजी को मजबूत आधार देते हैं। कुल 4,411 शेयरों में ट्रेडिंग हुई, जिनमें 2,366 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,891 में गिरावट रही। 154 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। 52 हफ्ते के हाई पर 56 शेयर पहुंचे, जबकि 440 शेयर लो पर रहे। यह बताता है कि तेजी के बावजूद बाजार में चुनिंदा दबाव अब भी बना हुआ है।
मेटल और ऑटो में दम, IT में कमजोरी
सेक्टोरल ट्रेंड की बात करें तो मेटल और ऑटो शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। Nifty Metal इंडेक्स करीब 2.8% चढ़ा, जबकि Nifty Auto में 2% से ज्यादा की तेजी रही। इसके अलावा रियल्टी और फाइनेंशियल शेयरों ने भी बाजार को सपोर्ट किया। दूसरी ओर IT और FMCG सेक्टर में कमजोरी बनी रही। Nifty IT करीब 1% फिसला, जबकि FMCG इंडेक्स भी गिरावट में रहा। यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल साइक्लिकल सेक्टर की तरफ झुक रहे हैं।
बैंकिंग और मेटल चमके
निफ्टी की तेजी में बैंकिंग और मेटल शेयरों का अहम योगदान रहा। ICICI Bank, Bharti Airtel, L&T, M&M और Tata Steel जैसे शेयरों में मजबूत खरीदारी देखी गई, जिसने इंडेक्स को ऊपर खींचा। वहीं Infosys, ITC, Bajaj Finance, TCS और Wipro जैसे हैवीवेट शेयर दबाव में रहे, जिससे बाजार की तेजी सीमित भी हुई।
वोलैटिलिटी घटी, सेंटीमेंट में सुधार
India VIX में करीब 8% की गिरावट आई और यह 19.79 के स्तर पर आ गया। वोलैटिलिटी में कमी इस बात का संकेत है कि बाजार में डर घट रहा है और निवेशकों का भरोसा लौट रहा है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के आंकड़े भी स्थिरता की ओर इशारा कर रहे हैं, जो आने वाले दिनों में बाजार को सपोर्ट दे सकते हैं। बाजार की आज की तेजी व्यापक रही, जिसमें इंडेक्स के साथ-साथ स्टॉक स्तर पर भी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि IT और FMCG सेक्टर की कमजोरी बताती है कि बाजार अभी पूरी तरह बुलिश नहीं हुआ है। आगे की दिशा सेक्टर रोटेशन और ग्लोबल संकेतों पर निर्भर करेगी।
