सेंसेक्स 479 अंक लुढ़का, निफ्टी 24000 के नीचे बंद, इन 3 वजहों से लुढ़का शेयर बाजार

वैश्विक तनाव और तकनीकी कारणों से आज भारतीय शेयर बाजार धड़ाम हो गया। सेंसेक्स करीब 495 अंक टूटकर 75,993 के स्तर पर बंद हुआ। आइए आपको बाजार की गिरावट के पीछे के 3 कारण बताते हैं।

मंगलवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 479.26 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 76,009.70 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार का दूसरा प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 (Nifty 50) भी बिकवाली के इस दबाव से अछूता नहीं रहा और 118 अंकों की कमजोरी दर्ज करते हुए 23,913.70 के लेवल पर आ गया। दरअसल, सुबह के समय बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन ऊपरी स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई भारी प्रॉफिट बुकिंग ने तेजी को पूरी तरह मंदी में बदल दिया। इसके साथ ही, पश्चिम एशिया में बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन (भू-राजनीतिक तनाव) और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आई रिकॉर्ड कमजोरी ने बाजार के सेंटीमेंट को और ज्यादा खराब करने का काम किया।

Share Market Crash

गिरावट के 3 बड़े कारण

  • गिरावट की सबसे पहली और बड़ी वजह ईरान संकट (Iran Crisis) है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर आत्मरक्षा का हवाला देकर हमला किया है। अमेरिका पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान द्वारा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' समुद्री मार्ग को ब्लॉक किए जाने की खबरों से वैश्विक बाजारों में हड़कंप मचा हुआ है। इसके कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर दिखा।
  • दूसरी बड़ी वजह बाजार में ऊपरी स्तरों पर आई प्रॉफिट बुकिंग (Profit Booking) रही। पिछले कुछ दिनों से बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर था, इसलिए बड़े निवेशकों और संस्थागत फंड्स ने इस मौके पर मुनाफावसूली करना बेहतर समझा, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ गया।
  • तीसरा तकनीकी कारण मंथली एक्सपायरी (Monthly Expiry) का नजदीक होना है। मई महीने के वायदा और विकल्प (F&O) कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के कारण ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन को तेजी से काटा और बाजार से पैसा निकाला। इन तीनों कारणों के एक साथ मिलने से बाजार में आज चौतरफा गिरावट दर्ज की गई।

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