Share Bazar News Today, 21 July 2023: इंफोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर के कमजोर पहली तिमाही के नतीजों का असर आज शेयर बाजार पर दिखा। बीएसई सेंसेक्स 887.64 अंक लुढ़क कर 66,684.26 और एनएसई निफ्टी 234.15 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 19,745 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी IT इंडेक्स सबसे ज्यादा 4.09% टूटा है।
Share Bazar Today: शेयर बाजार
ये आईटी शेयर भी गिरे
इंफोसिस के अलावा HCL, TCS और विप्रो के शेयर करीब 3% नीचे बंद हुए। वहीं LT, SBI, टाटा मोटर्स जैसे शेयरों में तेजी रही। डीमर्जर के बाद आज रिलायंस का शेयर भी 2.57% नीचे 2526 रुपए पर बंद हुआ। वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया तीन पैसे कमजोर होकर 81.96 के भाव (अस्थायी) पर बंद हुआ।
कल बाजार ने नया ऑलटाइम हाई बनाया था
शेयर बाजार ने गुरुवार को नया ऑलटाइम हाई बनाया था। कारोबार के सेंसेक्स ने 67,619 और निफ्टी ने 19,991 का स्तर छुआ था। हालांकि, इसके बाद बाजार थोड़ा नीचे आया और सेंसेक्स 474 अंक बढ़कर 67,571 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 146 अंकों की तेजी रही। ये 19,979 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 में तेजी देखने को मिली।
6 फीसदी की वृद्धि उम्मीद से कम
एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट में कहा, हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) की सालाना आधार पर 6 फीसदी की राजस्व वृद्धि हमारी उम्मीद से कम है। शुक्रवार को कारोबार में एचयूएल 3 फीसदी नीचे है। घरेलू वॉल्यूम ग्रोथ 3 फीसदी पर हमारे अनुमान से कम है। हमने पाया कि कीमतों में कटौती के बदले व्यापार में स्टॉक स्तर (1-3 दिन) कम होने से वॉल्यूम वृद्धि प्रभावित हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि फैब्रिक वॉश में प्रीमियम पोर्टफोलियो के कारण दोहरे अंक में वृद्धि हुई, जबकि डिशवॉश में भी बेहतर प्रदर्शन के कारण दोहरे अंक (वॉल्यूम के आधार पर) में वृद्धि हुई।
इंफोसिस के खराब नतीजों का दिखा असर
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा कि भले ही निफ्टी मनोवैज्ञानिक 20,000 अंक से थोड़ी ही दूरी पर है, लेकिन इंफोसिस के खराब नतीजों का असर पड़ा है। वित्त वर्ष 24 के लिए इन्फोसिस का 1 से 3.5 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का खराब आकलन स्टॉक को नीचे खींचेगा और शायद निफ्टी को भी।
एचयूएल का कमजोर प्रदर्शन बाजार पर बना सकता दबाव
पहली तिमाही में महज 3 फीसदी की वॉल्यूम ग्रोथ के साथ एचयूएल का कमजोर प्रदर्शन बाजार पर एक और दबाव बना सकता है। हालांकि, निरंतर एफपीआई प्रवाह, जो अब हर चीज पर भारी पड़ रहा है, निफ्टी को जल्द ही 20,000 के स्तर तक ले जाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा, निफ्टी बैंक रैली को समर्थन दे सकता है। विजयकुमार ने कहा, अमेरिका को छोड़कर, भारत अब दुनिया का सबसे महंगा बाजार है। भारतीय बाजार में कुछ करेक्शन हो सकते हैं, लेकिन निकट भविष्य में पार्टी जारी रहने की संभावना है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
