कन्फर्म सीट होने के बाद भी नहीं मिली बर्थ, कंज्यूमर फोरम ने रेलवे पर लगाया 50 हजार रुपये का जुर्माना

ट्रेन में कन्फर्म टिकट होने के बावजूद अगर आपको आपकी रिजर्व्ड सीट न मिले, तो आप क्या करेंगे? जानिए कैसे एक सीनियर सिटीजन कपल ने हार नहीं मानी और कंज्यूमर फोरम में केस जीतकर रेलवे से ₹50,000 का हर्जाना हासिल किया।

ट्रेन में सफर के दौरान अगर आपकी टिकट कन्फर्म हो और फिर भी आपको अपनी आरक्षित सीट (Reserved Seat) पर बैठने न मिले, तो यह बेहद निराशाजनक होता है। अक्सर यात्री ऐसी समस्याओं को किस्मत का खेल मानकर बर्दाश्त कर लेते हैं, लेकिन एक बुजुर्ग दंपत्ति (Senior Citizen Couple) ने इस लापरवाही के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया। कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल फोरम (Consumer Forum) ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए भारतीय रेलवे की सेवा में बड़ी खामी मानी है और रेलवे पर 50,000 रुपये का जुर्माना ठोका है।

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कंज्यूमर फोरम ने रेलवे पर लगाया 50 हजार रुपये का जुर्माना

क्या है पूरा मामला?

यह मामला एक वरिष्ठ नागरिक जोड़े से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने ट्रेन में सफर के लिए कन्फर्म बर्थ बुक कराई थी। सफर वाले दिन जब वे ट्रेन में अपनी बोगी में पहुंचे, तो वहां भारी भीड़ और ओवरक्राउडिंग (Overcrowding) का माहौल था। अनधिकृत (Unauthorized) या बिना टिकट यात्रियों के कब्जे के कारण बुजुर्ग दंपति को अपनी ही रिजर्व्ड सीट पर सही तरीके से बैठने और सोने की जगह नहीं मिल सकी। उन्होंने मौके पर मौजूद टीटीई (TTE) और रेलवे अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया और उन्हें पूरे सफर के दौरान मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

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