SEBI का बड़ा फैसला: बायबैक अवधि में फ्रीज रहेंगी प्रमोटर्स की हिस्सेदारी, नियमों में बदलाव

SEBI ने बायबैक अवधि में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी फ्रीज करने का निर्देश दिया है। हालांकि, प्रमोटर्स टेंडर ऑफर में शेयर बेच सकेंगे और पुराने गिरवी शेयर मान्य रहेंगे।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शेयर बायबैक प्रक्रिया को लेकर एक नया नियम जारी किया है। इसके तहत अब कंपनियों के प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी को बायबैक अवधि के दौरान सिक्योरिटी स्तर पर फ्रीज किया जाएगा। इसका उद्देश्य बायबैक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और बाजार में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना है। SEBI ने यह निर्देश शेयर डिपॉजिटरीज को दिया है। नए नियमों के अनुसार, प्रमोटर्स की शेयर होल्डिंग उस समय से फ्रीज रहेगी, जब कंपनी का बोर्ड या शेयरधारक बायबैक को मंजूरी देगा और यह प्रक्रिया ऑफर बंद होने तक जारी रहेगी।

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शेयर बायबैक प्रक्रिया पर सेबी का नया नियम

बायबैक मंजूरी से ऑफर बंद होने तक लागू रहेगा नियम

शेयर बायबैक का मतलब होता है कि कोई कंपनी बाजार से अपने ही शेयर वापस खरीदती है। कंपनियां अक्सर अपने शेयरधारकों को अतिरिक्त रिटर्न देने या बाजार में शेयरों की संख्या कम करने के लिए बायबैक करती हैं। SEBI के नए नियम के मुताबिक, जैसे ही किसी कंपनी के बोर्ड या शेयरधारकों की ओर से बायबैक को मंजूरी मिलती है, प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की शेयर होल्डिंग पर रोक लग जाएगी। यह रोक तब तक रहेगी जब तक बायबैक ऑफर पूरा नहीं हो जाता। इस दौरान प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी में बदलाव नहीं कर सकेंगे, जिससे निवेशकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

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