Unregistered Online Platforms: मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक नए सर्कुलर में आम लोगों को नॉन-रजिस्टर्ड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को लेकर अलर्ट किया है। ये वे प्लेटफॉर्म हैं जो निवेशकों को अनलिस्टेड डेट सिक्योरिटीज ऑफर कर रहे हैं। सेबी ने चेतावनी दी है कि ये प्लेटफॉर्म किसी भी रेगुलेटरी या निगरानी के तहत नहीं आते हैं और इनमें बुनियादी निवेशक सुरक्षा या निवेशक शिकायत निपटारा करने वाले मैकेनिज्म का अभाव है। सेबी ने जनता को ऐसे नॉन-रजिस्टर्ड प्लेटफार्मों पर लेनदेन करने में सावधानी बरतने की सलाह दी।
सेबी ने जारी की चेतावनी
ये भी पढ़ें -
नियमों का है उल्लंघन
सेबी ने नोटिस में कहा, "नॉन-रजिस्टर्ड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या नॉन-लिस्टेड डेट सिक्योरिटीज इश्यू करने वालों की गई गतिविधियां कंपनी अधिनियम, 2013, सेबी अधिनियम, 1992, सेबी (प्रतिभूति बाजार से संबंधित धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार प्रथाओं का निषेध) विनियम, 2003 और सेबी (गैर-परिवर्तनीय प्रतिभूतियों का निर्गम और सूचीबद्धता) विनियम, 2021 का उल्लंघन हैं।"
यह उल्लंघन इसलिए होता है क्योंकि 200 से अधिक निवेशकों को नॉन-लिस्टेड सिक्योरिटीज की पेशकश करना इसे कंपनी अधिनियम, 2014 के तहत “पब्लिक इश्यू माना जाता है”। सेबी ने कहा कि इन गतिविधियों के नतीजे में ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी, नियामक या प्रवर्तन कार्रवाई हो सकती है।
निवेशक क्या करें
नोटिस में सेबी ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) द्वारा अधिकृत सेबी रजिस्टर्ड स्टॉक ब्रोकरों द्वारा ऑपरेट किए जाने वाले ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म का उपयोग करने पर विचार करें, जो Listed Debt Securities में निवेश के लिए ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर (ओबीपीपी) के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत हैं।
