Manpasand Beverages SEBI Action:बाजार नियामक सेबी ने वित्तीय विवरण में गलतबयानी और हेराफेरी करने के लिए मनपसंद बेवरेजेज लिमिटेड (एमबीएल) और उसके तीन शीर्ष अधिकारियों को प्रतिभूति बाजार से तीन साल के लिए प्रतिबंधित करने के साथ उनपर कुल 68 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपने आदेश में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 और 2019-20 के लिए एमबीएल के वित्तीय विवरणों में हेराफेरी की गई और गलत आंकड़े पेश किए गए थे।सेबी की कार्रवाई शीतल पेय कंपनी मनपसंद बेवरेजेज के अलावा उसके प्रवर्तक, चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) धीरेंद्र सिंह, कार्यकारी निदेशक अभिषेक सिंह और मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) परेश ठक्कर के खिलाफ की गई है।
सेबी की मनपसंद बेवरेज पर कार्रवाई
45 दिन में देना होगा जुर्माना
सेबी ने अपनी कार्रवाई के तहत मनपसंद बेवरेजेज के प्रवर्तक, चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) धीरेंद्र सिंह, कार्यकारी निदेशक अभिषेक सिंह और मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) परेश ठक्कर पर 17-17 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे 45 दिन के भीतर भुगतान करना होगा। इसके साथ ही सभी आरोपियों को किसी भी लिस्टेड सार्वजनिक कंपनी या सेबी के साथ पंजीकृत किसी भी मध्यस्थ में निदेशक या प्रमुख प्रबंधकीय पद संभालने से भी पांच साल तक के लिए रोक दिया गया है।
इसके अलावा, कंपनी के पूर्व स्वतंत्र निदेशकों- मिलिंद बाबर एवं चिराग दोशी पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया जबकि वर्तमान स्वतंत्र निदेशकों- निशीष मोबार एवं भारती नाइक पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
लिंडे इंडिया पर भी एक्शन
इसके अलावा सेबी ने शेयरधारकों से मिली शिकायतों के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को लिंडे इंडिया और उससे जुड़ी प्रैक्सएयर इंडिया के बीच हुए लेनदेन का मूल्यांकन करने के लिए मूल्यांकनकर्ता नामित करने का निर्देश दिया है। यह मामला लिंडे इंडिया लिमिटेड (एलआईएल) और उससे जुड़ी कंपनियों प्रैक्सएयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (पीआईपीएल) और लिंडे साउथ एशिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (एलएसएएसपीएल) के बीच हुए लेनदेन और समझौतों से संबंधित है। शेयरधारकों से कई शिकायतें मिलने के बाद मामले की जांच की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि लिंडे इंडिया द्वारा प्रैक्सएयर इंडिया के साथ किए गए लेनदेन और समझौते सामग्री संबंधित पक्ष लेनदेन (आरपीटी) की प्रकृति के थे और लिंडे इंडिया ने इन लेनदेन पर शेयरधारकों की मंजूरी नहीं ली थी।
