Savings Bank Account Vs Liquid Fund: अक्सर सैलरी आने के बाद या बड़े खर्च पूरे होने के बाद हमारे खाते में कुछ पैसे बच जाते हैं। ऐसे में सबसे पहला ख्याल यही आता है कि इस रकम को कहां रखा जाए ताकि पैसा भी सुरक्षित रहे और उस पर कुछ कमाई भी हो सके। आमतौर पर लोग इसे सेविंग अकाउंट में डाल देते हैं, लेकिन क्या ये सबसे सही विकल्प है? आइए जानते हैं।
Savings Bank Account Vs Liquid Fund
सेविंग अकाउंट: सुरक्षित लेकिन रिटर्न कम
बचत खाता सबसे भरोसेमंद विकल्प है क्योंकि इसमें पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और जब चाहें, तुरंत निकाल सकते हैं। हालांकि, इसमें कमाई बहुत कम होती है। ज्यादातर बैंकों में सेविंग अकाउंट पर सिर्फ 2.5% से 3% सालाना ब्याज मिलता है, जो महंगाई की रफ्तार से मुकाबला करने के लिए काफी नहीं है।
थोड़ा रिस्क, बेहतर रिटर्न
अगर आप मामूली रिस्क लेने को तैयार हैं तो लिक्विड म्यूचुअल फंड एक अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं। ये फंड कंपनियों को 90 दिनों तक कर्ज देते हैं और छोटे समय में बेहतर रिटर्न देने की कोशिश करते हैं। बीते कुछ सालों में अच्छे लिक्विड फंड्स ने 6% से 7% तक का सालाना रिटर्न दिया है, जो सेविंग अकाउंट से कहीं ज्यादा है।
₹1 लाख के निवेश पर तुलना
मान लीजिए आपके पास ₹1 लाख हैं और आप इन्हें एक साल तक रखते हैं अगर ये रकम सेविंग अकाउंट में पड़ी रहती है तो करीब 2.5% ब्याज यानी ₹2,500 मिलेंगे। साल के अंत में कुल रकम होगी ₹1,02,500। वहीं, अगर यही पैसा लिक्विड फंड में लगाया जाए तो 6% रिटर्न यानी ₹6,000 तक का मुनाफा मिल सकता है। साल के अंत में कुल रकम होगी ₹1,06,000। यानी सिर्फ सही विकल्प चुनने से करीब ₹3,500 का अतिरिक्त फायदा मिल सकता है।
लिक्विड फंड पूरी तरह सुरक्षित हैं?
लिक्विड फंड को म्यूचुअल फंड की सबसे कम जोखिम वाली कैटेगरी माना जाता है, लेकिन फिर भी यह सेविंग अकाउंट जितना गारंटीड नहीं है। मार्केट की हलचल या कंपनियों की क्रेडिट रेटिंग का असर रिटर्न पर पड़ सकता है।
अगर आपकी पहली प्राथमिकता पूरी सुरक्षा और तुरंत पैसे की उपलब्धता है तो सेविंग अकाउंट ही बेहतर है। लेकिन अगर आप थोड़े ज्यादा रिटर्न के लिए थोड़ी-सी रिस्क ले सकते हैं और पैसा कुछ महीनों तक नहीं चाहिए, तो लिक्विड फंड समझदारी भरा विकल्प हो सकते हैं। हां, निवेश से पहले किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट से सलाह जरूर लेना चाहिए।
