सिर्फ सैलरी काफी नहीं! जानिए किन 5 पैमानों के आधार पर तय होता है आपका लोन ऑफर

समान सैलरी होने के बावजूद दो अलग-अलग लोगों को बैंक अलग-अलग लोन अमाउंट या ब्याज दर क्यों ऑफर करते हैं? जानिए वे 5 मुख्य पैमाने जिनके आधार पर बैंक किसी ग्राहक की लोन एलिजिबिलिटी और अप्रूवल तय करते हैं।

अक्सर देखा जाता है कि एक ही कंपनी में काम करने वाले और समान सैलरी पाने वाले दो सहकर्मियों को बैंक अलग-अलग लोन अमाउंट या अलग ब्याज दर (Interest Rate) का ऑफर देते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि एक व्यक्ति को आसानी से मनचाहा लोन मिल जाता है, जबकि दूसरे की एप्लीकेशन रिजेक्ट हो जाती है या कम अमाउंट अप्रूव होता है। वास्तव में, जब आप लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक सिर्फ आपकी मंथली इनकम देखकर फैसला नहीं लेते। सैलरी के अलावा ऐसे कई अन्य महत्वपूर्ण कारक हैं, जिन्हें बैंक आपके लोन अप्रूवल से पहले बारीकी से जांचते हैं।

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किन 5 पैमानों के आधार पर तय होता है आपका लोन ऑफर

इन 5 चीजों के आधार पर तय होता है लोन ऑफर

सबसे पहला और सबसे अहम कारक होता है आपका क्रेडिट स्कोर (Credit Score या CIBIL Score)। क्रेडिट स्कोर आपकी पुरानी रीपेमेंट हिस्ट्री यानी पुराने लोन या क्रेडिट कार्ड बिल के भुगतान के ट्रैक रिकॉर्ड को दर्शाता है। अगर आपकी सैलरी अच्छी है लेकिन आपने भूतकाल में किसी क्रेडिट कार्ड का बिल लेट भरा है या EMI मिस की है, तो आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है। बैंक 750 या उससे अधिक क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों को कम ब्याज दर पर ज्यादा लोन ऑफर करते हैं।

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