Salary Hike : चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय उद्योग जगत औसतन 6.2 से 11.3 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि कर सकता है। मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, नियोक्ता अपनी कार्यबल रणनीतियों में कौशल प्रमाणन और प्रोत्साहन आधारित जुड़ाव को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे वेतन वृद्धि के रुझान प्रभावित हो रहे हैं।
इस साल कितनी बढ़ेगी सैलरी (तस्वीर-istock)
औसत वेतन वृद्धि और कुछ भूमिकाओं में उच्च वृद्धि
न्यूज एजेंसी टीमलीज सर्विसेज की “जॉब्स एंड सैलरी प्राइमर 2025-26” रिपोर्ट में बताया गया है कि विभिन्न उद्योगों में औसत वेतन वृद्धि 6.2 प्रतिशत से 11.3 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। वहीं, कुछ विशेष भूमिकाओं में यह वृद्धि 13.8 प्रतिशत तक भी जा सकती है। टीमलीज सर्विसेज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (कार्यबल) कार्तिक नारायण ने कहा कि यह वेतन वृद्धि भारत के रोजगार और वेतन परिदृश्य में बड़े बदलाव का संकेत है। जैसे-जैसे नए जमाने के उद्योग तेजी से विकसित हो रहे हैं, तकनीकी कौशल वाली भूमिकाओं की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
अग्रणी क्षेत्रों में वेतन वृद्धि की उम्मीद
रिपोर्ट 23 उद्योगों और 20 शहरों के 1,308 व्यवसायों के सर्वेक्षण पर आधारित है। इसके अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और EV अवसंरचना क्षेत्र में वेतन वृद्धि की दर सबसे अधिक 11.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके बाद टिकाऊ उपभोक्ता सामान और खुदरा क्षेत्र में 10.7 प्रतिशत, और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) में 10.4 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि की उम्मीद है। इन क्षेत्रों में तेजी से विकास के चलते कर्मचारियों की मांग बढ़ रही है, जो वेतन वृद्धि के पीछे प्रमुख कारण है।
वेतन वृद्धि का रुझान सकारात्मक
भारतीय उद्योग जगत में वेतन वृद्धि का रुझान सकारात्मक है, जो नई तकनीकों और उद्योगों के विस्तार से प्रेरित है। कंपनियां अपने कर्मचारियों को बनाए रखने और उनकी दक्षता बढ़ाने के लिए वेतन वृद्धि के साथ कौशल विकास पर भी ध्यान दे रही हैं। यह बदलाव भविष्य में रोजगार बाजार को और अधिक प्रतिस्पर्धी और आकर्षक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
