आज के समय में सैलरी अकाउंट सिर्फ सैलरी पाने का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि यह नौकरीपेशा लोगों के लिए एक स्मार्ट और बड़े ही काम का फाइनेंशियल टूल बन चुका है। ज्यादातर कंपनियां अपने कर्मचारियों की सैलरी सीधे सैलरी अकाउंट में ट्रांसफर करती हैं और इसके बदले बैंक ग्राहकों को कई खास सुविधाएं देते हैं। आम सेविंग अकाउंट की तुलना में सैलरी अकाउंट में कम चार्ज, ज्यादा सहूलियत जैसे कई फायदे मिलते हैं, जिनके बारे में बहुत से लोगों को पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे में आइए आपको बताते हैं सैलरी अकाउंट के 10 बड़े फायदे।
सैलरी अकाउंट के 10 बड़े फायदे
- सैलरी अकाउंट का सबसे बड़ा फायदा जीरो बैलेंस की सुविधा है। इस खाते में न्यूनतम बैलेंस रखने की कोई शर्त नहीं होती। खाते में पैसे हों या न हों, बैंक किसी तरह की पेनल्टी नहीं लगाता। इससे कर्मचारियों को महीने के खर्चों को लेकर ज्यादा आजादी मिलती है और बैलेंस मेंटेन करने का तनाव भी नहीं रहता। यही वजह है कि नौकरीपेशा लोगों के लिए यह अकाउंट काफी सुविधाजनक माना जाता है।
- सैलरी अकाउंट में ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधाएं भी काफी बेहतर होती हैं। इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए NEFT, RTGS और IMPS जैसे फंड ट्रांसफर आसान हो जाते हैं। कई बैंकों में ये सेवाएं मुफ्त या बहुत कम चार्ज पर मिलती हैं। इससे डिजिटल पेमेंट, बिल भुगतान और पैसे ट्रांसफर करना न सिर्फ तेज होता है, बल्कि किफायती भी बनता है।
- इसके अलावा सैलरी अकाउंट होल्डर्स को हर महीने कई फ्री ATM ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलती है। कैश निकालने पर अतिरिक्त चार्ज की चिंता नहीं रहती, जो आम सेविंग अकाउंट में अक्सर देखने को मिलती है। यात्रा के दौरान या इमरजेंसी के समय यह सुविधा काफी काम आती है और खर्चों को कंट्रोल में रखने में मदद करती है।
- ज्यादातर बैंक सैलरी अकाउंट के साथ मुफ्त डेबिट कार्ड और चेकबुक भी देते हैं। डेबिट कार्ड से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के पेमेंट करना आसान हो जाता है। साथ ही इन कार्ड्स में बेहतर सुरक्षा फीचर्स होते हैं, जिससे धोखाधड़ी का खतरा भी कम रहता है। चेकबुक मिलने से बड़े लेनदेन या औपचारिक भुगतान भी आसानी से किए जा सकते हैं।
- सैलरी अकाउंट का एक बड़ा फायदा लोन लेने में आसानी भी है। बैंक सैलरी अकाउंट को नियमित और स्थायी आय का प्रमाण मानते हैं। इसी वजह से पर्सनल लोन, होम लोन या कार लोन जल्दी अप्रूव हो जाते हैं। कई बार ब्याज दर भी आम ग्राहकों के मुकाबले कम मिलती है, जिससे कुल लोन लागत घट जाती है।
- कई बैंक सैलरी अकाउंट होल्डर्स को खास शॉपिंग और डाइनिंग ऑफर्स भी देते हैं। इनमें कैशबैक, डिस्काउंट और एक्सक्लूसिव डील्स शामिल होती हैं। इससे रोजमर्रा के खर्चों में भी बचत होती है और सैलरी अकाउंट का फायदा सिर्फ बैंकिंग तक सीमित नहीं रहता।
- इसके साथ ही सैलरी अकाउंट रखने वालों को क्रेडिट कार्ड पर भी खास सुविधाएं मिलती हैं। कई बैंकों में लाइफटाइम फ्री क्रेडिट कार्ड, ज्यादा क्रेडिट लिमिट, बेहतर रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक जैसे फायदे दिए जाते हैं। इससे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ज्यादा फायदेमंद हो जाता है।
- कुछ मामलों में सैलरी अकाउंट होल्डर्स को प्रायोरिटी बैंकिंग सर्विस भी मिलती है। इसमें डेडिकेटेड कस्टमर केयर, रिलेशनशिप मैनेजर और तेज सर्विस शामिल होती है। इससे बैंक से जुड़े काम जल्दी और बिना ज्यादा झंझट के पूरे हो जाते हैं।
- सैलरी अकाउंट के जरिए बैंक आपकी नियमित आय को समझ पाते हैं, इसलिए वे लोन पर बेहतर ब्याज दर देने को भी तैयार रहते हैं। इससे लंबे समय में EMI का बोझ कम होता है और कुल ब्याज में अच्छी-खासी बचत हो सकती है।
- इसके अलावा कुछ सैलरी अकाउंट में एक्सीडेंटल इंश्योरेंस या हेल्थ इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं, जो कर्मचारी और उसके परिवार के लिए अतिरिक्त सुरक्षा का काम करती हैं।
