Sahara Refund Update: केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मंगलवार (17 मार्च 2026) को संसद में जानकारी दी कि सहारा ग्रुप की सहकारी समितियों में पैसा जमा करने वाले लाखों लोगों को राहत मिल रही है। उन्होंने बताया कि फरवरी 2026 तक 40 लाख से ज्यादा जमाकर्ताओं को कुल करीब 8,800 करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं। यह रिफंड प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत चलाई जा रही है, ताकि निवेशकों का पैसा सुरक्षित तरीके से उन्हें लौटाया जा सके।
सहारा निवेशकों को बड़ी राहत, गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में दी ये जानकारी (तस्वीर-X)
रिफंड पोर्टल पर भारी संख्या में आवेदन
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक सरकार द्वारा बनाए गए ‘सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल’ पर निवेशकों की बड़ी भागीदारी देखी गई है। मंत्री के अनुसार, अब तक इस पोर्टल पर करीब 1.45 करोड़ आवेदन और 4.06 करोड़ दावे दर्ज किए जा चुके हैं। इससे यह साफ है कि बड़ी संख्या में लोग अपने पैसे की वापसी के लिए सक्रिय हैं।
सीधे बैंक खाते में हो रहा भुगतान
अमित शाह ने बताया कि रिफंड की राशि सीधे जमाकर्ताओं के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जा रही है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और फर्जी दावों की संभावना कम हो जाती है। फिलहाल, सत्यापित दावों के आधार पर प्रत्येक जमाकर्ता को अधिकतम 50,000 रुपये तक का भुगतान किया जा रहा है।
आवेदन में गलती होने पर दोबारा मौका
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के आवेदन में कोई कमी या गलती पाई जाती है, उन्हें अपना आवेदन दोबारा जमा करने का मौका दिया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति रिफंड से वंचित न रहे।
अदालत का नया निर्देश और समय सीमा
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक और महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने ‘सहारा-सेबी रिफंड खाते’ से 5,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त राशि केंद्रीय रजिस्ट्रार को ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है। साथ ही, निवेशकों को रिफंड देने की अंतिम समय सीमा 31 दिसंबर 2026 तय की गई है। इसका मतलब है कि इस अवधि के भीतर अधिक से अधिक लोगों को उनका पैसा लौटाने का लक्ष्य रखा गया है।
