रिटायरमेंट (Retirement) के बाद सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) लोकप्रिय विकल्प हैं। दोनों में निवेश पर तय ब्याज मिलता है, लेकिन ब्याज दरों और मैच्योरिटी राशि में अंतर हो सकता है। अगर आप 5 साल के लिए 2.5 लाख निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो पहले यह जानना जरूरी है कि इन दोनों ही निवेश विकल्पों में किस विकल्प पर ज्यादा पैसा कमाया जा सकता है-
FD vs NSC - 5 साल में कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न (AI Generated Image)
2.5 लाख के निवेश पर कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न?
5 साल की अवधि में NSC में 2.5 लाख निवेश करने पर 7.7% ब्याज दर के आधार पर मैच्योरिटी राशि 3,62,258 हो सकती है। वहीं, अलग-अलग बैंकों की FD में ब्याज दर के अनुसार मिलने वाली रकम अलग होगी।
एफडी पर कितना मिलेगा रिटर्न
एफडी पर अलग-अलग बैंकों की अलग-अलग ब्याज दरें हैं। देश के सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक एसबीआई की ही बात करें तो बैंक की ओर से 5 साल की एफडी पर नागरिकों को 7.05 प्रतिशत तक का ब्याज ऑफर किया जा रहा है। हालांकि, यह ब्याज दर सीनियर सिटीजन ग्राहकों के लिए तय की गई है। यानी अगर कोई सीनियर सिटीजन 5 साल के लिए 2.5 लाख की एफडी खुलवाता है तो मैच्योरिटी पर उसे 3,54,565 रुपये मिलेंगे।
एसबीआई (SBI) से ज्यादा रिटर्न चाहिए तो एक्सिस बैंक की एफडी स्कीम में निवेश कर सकते हैं। Axis Bank 5 साल की एफडी पर अपने ग्राहकों को 7.25 प्रतिशत तक का ब्याज ऑफर कर रहा है। यानी अगर कोई सीनियर सिटीजन एक्सिस बैंक में 5 साल के लिए 2.5 लाख की एफडी खुलवाता है तो मैच्योरिटी पर उसे 3,58,945 रुपये मिलेंगे।
वहीं, स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर रिटर्न कुछ और अधिक मिल सकता है। स्मॉल फाइनेंस बैंक में Suryoday Small Finance Bank की ओर से 5 साल की एफडी पर 8.50 प्रतिशत सालाना ब्याज ऑफर किया जा रहा है। यानी मैच्योरिटी पर नागरिकों को 3,80,699 रुपये का रिटर्न मिल सकता है।
| निवेश का विकल्प | सालाना ब्याज दर | 5 साल बाद मैच्योरिटी राशि |
| NSC (पोस्ट ऑफिस) | 7.70% | 3,62,258 रुपये |
| SBI FD | 7.05% | 3,54,565 रुपये |
| Axis Bank FD | 7.25% | 3,58,945 रुपये |
| Suryoday Small Finance Bank FD | 8.50% | 3,80,699 रुपये |
NSC और 5 साल की FD पर टैक्स छूट
NSC और 5 साल की टैक्स सेविंग FD में निवेश करने पर पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख तक की कटौती का लाभ मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए निर्धारित नियमों और शर्तों को पूरा करना जरूरी है। सामान्य FD में यह टैक्स छूट नहीं मिलती। साथ ही, टैक्स सेविंग FD को 5 साल से पहले निकालने पर टैक्स लाभ प्रभावित हो सकता है। इसलिए निवेश करने से पहले योजना के नियमों को समझना जरूरी है।
FD और NSC के ब्याज पर कैसे लगता है टैक्स?
बैंक FD से मिलने वाला ब्याज आपकी आय में जुड़ता है और आपकी लागू टैक्स दर के अनुसार उस पर टैक्स लगता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक वित्त वर्ष में FD के ब्याज पर 1 लाख से अधिक और अन्य ग्राहकों के लिए 50,000 से अधिक ब्याज होने पर बैंक सामान्यतः TDS काटते हैं। वहीं, NSC का ब्याज भी टैक्स के दायरे में आता है। इसमें आखिरी साल को छोड़कर पहले चार वर्षों का ब्याज दोबारा निवेश किया हुआ माना जाता है, इसलिए पात्र निवेशक नियमों के अनुसार उस पर कटौती का लाभ ले सकते हैं। पांचवें साल का ब्याज टैक्स योग्य होता है और इसे ITR में ‘अन्य स्रोतों से आय’ के तहत दिखाना होता है।
