E20 Petrol को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग की वजह से भारत ने ₹1.90 लाख करोड़ की बचत की है। TIMES NOW को दिए इंटरव्यू में पुरी ने पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग से जुड़े तमाम सवालों का जवाब दिया। इसके साथ ही उन्होंने इथेनॉल ब्लेंडिग से जुड़े 5 बड़े फायदे भी बताए।
इथेनॉल ब्लेंडिग पर पुरी ने दिया जवाब
पुरी ने कहा कि सरकार ने E25 को पूरे देश में लागू करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अभी E25 टेस्टिंग फेज में है। उन्होंने कहा कि जिस तरह ई10 और फिर ई20 को लंबे वैज्ञानिक परीक्षण, वाहन कंपनियों से चर्चा और चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया, उसी तरह भविष्य के किसी भी फैसले से पहले सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
₹1.90 लाख करोड़ की बचत
केंद्रीय मंत्री ने ब्लेंडिंग के फायदे बताते हुए कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम की वजह से भारत अब तक लगभग ₹1.90 लाख करोड़ का विदेशी मुद्रा खर्च बचा चुका है।
310 लाख मीट्रिक टन आयात कम हुआ
पुरी ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग नहीं होती तो भारत को करीब 309.98 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त क्रूड ऑयल आयात करना पड़ता। यानी इथेनॉल ने सिर्फ विदेशी मुद्रा ही नहीं बचाई, बल्कि आयात पर निर्भरता कम करके देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत की।
9.31 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन में कमी
हरदीप पुरी के मुताबिक इथेनॉल मिश्रण से अब तक करीब 9.31 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन कम हुआ है। सरकार इसे स्वच्छ ईंधन की दिशा में बड़ी उपलब्धि मान रही है। इससे जलवायु परिवर्तन से निपटने और प्रदूषण कम करने के प्रयासों को भी मजबूती मिली है।
किसानों को मिला ₹1.40 लाख करोड़ का फायदा
इथेनॉल कार्यक्रम का फायदा सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक इथेनॉल की खरीद के जरिये अब तक करीब ₹1.40 लाख करोड़ किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों तक पहुंचे हैं। सरकार का मानना है कि इससे गन्ना और अन्य फसलों के उत्पादकों की आय बढ़ाने में मदद मिली है।
तेल संकट के बीच भी कीमतों पर कम दबाव
हरदीप पुरी ने कहा कि इथेनॉल की खरीद कीमत पूरे ब्लेंडिंग वर्ष के लिए तय की जाती है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव या युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर अपेक्षाकृत कम पड़ता है। उनका कहना है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग भारत को ऊर्जा सुरक्षा देने की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा है।
माइलेज पर भी दिया जवाब
इथेनॉल को लेकर सबसे ज्यादा सवाल माइलेज पर उठते हैं। इस पर हरदीप पुरी ने कहा कि कुछ मामलों में 3 से 5 प्रतिशत तक माइलेज का अंतर हो सकता है, लेकिन इसे केवल इथेनॉल की वजह से नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक ड्राइविंग का तरीका, वाहन की स्थिति और सड़क की परिस्थितियां भी माइलेज को प्रभावित करती हैं।
पुराने वाहनों की वारंटी पर क्या बोले?
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि ई20 पेट्रोल भरवाने से पुराने वाहनों की वारंटी खत्म हो सकती है। इस पर पुरी ने कहा कि यह पूरी तरह गलत जानकारी है। उनके मुताबिक वाहन की वारंटी निर्माता कंपनी तय करती है और ई20 को लेकर ऐसी कोई सामान्य रोक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बीमा कंपनियों ने भी स्पष्ट किया है कि केवल ई20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से बीमा दावे पर कोई असर नहीं पड़ता।
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