Retirement Planning Guide: रिटायरमेंट (Retirement) के बाद नियमित कमाई बंद होने के कारण जमा किए गए फंड का सही तरीके से इस्तेमाल करना बहुत जरूरी हो जाता है। रिटायरमेंट के समय बड़ी रकम हाथ में होने के बावजूद अगर पूरा पैसा एक ही जगह लगा दिया जाए या बिना योजना के खर्च किया जाए, तो भविष्य में आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में रिटायरमेंट फंड को अलग-अलग समय की जरूरत के हिसाब से बांटकर रखने की रणनीति काम की साबित हो सकती है। इसे आसान भाषा में Time-Bucket Strategy कहा जाता है।
Retirement Fund को ऐसे करें मैनेज (Photo: iStock)
क्या होती है Time-Bucket Strategy?
रिटायरमेंट फंड
इस रणनीति में रिटायरमेंट फंड को अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाता है और हर हिस्से को अलग समय की जरूरत पूरी करने के लिए रखा जाता है। आम तौर पर इसे शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म जैसे तीन हिस्सों में समझा जा सकता है। इसका उद्देश्य यह है कि आने वाले कुछ वर्षों के खर्च के लिए पैसा सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहे, जबकि दूर की जरूरतों के लिए बाकी रकम को लंबी अवधि के विकल्पों में रखा जा सके।
कैसे काम करती है Time-Bucket Strategy?
पहला हिस्सा: शुरुआती वर्षों का खर्च
रिटायरमेंट के बाद शुरुआती 2–3 साल के अनुमानित खर्च के लिए एक हिस्सा अलग रखा जा सकता है। इसमें रोजमर्रा के खर्च, दवाइयां, बिल और दूसरी जरूरी जरूरतें शामिल हो सकती हैं। इस हिस्से के लिए ऐसे विकल्प चुने जा सकते हैं जहां जरूरत पड़ने पर पैसा आसानी से उपलब्ध हो। इसका फायदा यह है कि हर महीने के खर्च के लिए लंबी अवधि के निवेश को तुरंत निकालने की जरूरत कम हो सकती है।
दूसरा हिस्सा: अगले कुछ सालों की जरूरत
अगले कुछ वर्षों के खर्च के लिए फंड का दूसरा हिस्सा रखा जा सकता है। इसे ऐसी जगह रखा जा सकता है जहां पूंजी की सुरक्षा और नियमित आय पर ज्यादा ध्यान हो। FD जैसे विकल्प कुछ लोगों के लिए इस हिस्से में उपयोगी हो सकते हैं, हालांकि निवेश से पहले ब्याज दर, टैक्स और समय से पहले निकासी के नियम समझना जरूरी है।
तीसरा हिस्सा: लंबी अवधि के लिए
रिटायरमेंट के 7–10 साल या उससे आगे की जरूरतों के लिए अलग हिस्सा बनाया जा सकता है। लंबी अवधि के इस फंड में व्यक्ति की जोखिम क्षमता और जरूरत के अनुसार अलग-अलग निवेश विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। इसका उद्देश्य महंगाई के असर से निपटने के लिए फंड को लंबे समय तक बढ़ने का अवसर देना हो सकता है।
इस रणनीति के क्या फायदे हैं?
Time-Bucket Strategy का सबसे बड़ा फायदा यह है कि रिटायरमेंट के तुरंत बाद पूरे निवेश को एक साथ खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती। बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान भी रोजमर्रा के खर्च के लिए अलग पैसा रहता है। साथ ही, भविष्य की जरूरतों के लिए रखा पैसा लंबे समय तक निवेशित रह सकता है।
