इनकम टैक्स विभाग के अनुसार, 31 जुलाई तक 5.9 करोड़ से अधिक टैक्सपेयर्स ने अपना रिटर्न फाइल किया। 31 जुलाई की डेडलाइन से काफी पहले जिन लोगों ने अपना ITR फाइल किया था, उनमें से बहुत सारे का आईटीआर प्रोसेस होकर रिफंड भी मिल गया हो, यह संभव है। वहीं, बहुत सारे टैक्सपेयर्स अपने रिफंड का भी इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि इनकम टैक्स रिफंड तब जारी किया जाता है जब टैक्सपेयर द्वारा TDS, TCS, एडवांस टैक्स या सेल्फ-असेसमेंट टैक्स के जरिये चुकाया गया टैक्स, सभी जरूरी कटौतियों और छूटों को ध्यान में रखकर कैलकुलेट की गई असल टैक्स देनदारी से ज्यादा होता है। अब अगर आपने अपना रिटर्न डेडलाइन खत्म होने से काफी पहले फाइल किया, आपका आईटीआर प्रोसेस भी हो चुका है लेकिन रिफंड नहीं आया तो क्या वजह हो सकती है? आइए इसको जानते हैं।
इनकम टैक्स रिफंड
रिफंड मिलने में कितना समय लगता है?
टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि अगर ITR को प्रोसेस्ड मार्क किया गया है, तो भी रिफंड तुरंत क्रेडिट नहीं हो सकता है। टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा रिफंड प्रोसेसिंग तभी शुरू होती है जब टैक्सपेयर रिटर्न को ई-वेरिफाई कर देता है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आमतौर पर टैक्सपेयर के अकाउंट में रिफंड क्रेडिट होने में लगभग चार से पांच हफ्ते का समय लगता है।
अगर इस समय के अंदर रिफंड नहीं मिलता है, तो टैक्सपेयर्स को यह देखना चाहिए कि क्या उन्हें अपने टैक्स रिटर्न में किसी गड़बड़ी के बारे में कोई सूचना मिली है, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से आए ईमेल या SMS अलर्ट देखने चाहिए, और इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर रिफंड का स्टेटस चेक करना चाहिए।
रिफंड पाने के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें?
इनकम टैक्स रिफंड पाने के लिए, टैक्सपेयर्स को यह पक्का करना होगा कि कुछ शर्तें पूरी हों। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट रिफंड तभी प्रोसेस करता है जब रिटर्न सही तरीके से फाइल किया गया हो और टैक्सपेयर का PAN, आधार और ई-फाइलिंग अकाउंट की जानकारी सही ढंग से लिंक और एक्टिव हो। इसके लिए आपको इन चीजों की जरूरत होगी।
इस कारण अटक सकता है आपका रिफंड
- गलत बैंक अकाउंट नंबर
- PAN का काम न करना (inoperative)
- बैंक अकाउंट का पहले से वेरिफाई (pre-validate) न होना
- बैंक अकाउंट पर लिखा नाम PAN कार्ड की जानकारी से मेल नहीं खाना
- गलत IFSC कोड
- ITR में बताया गया अकाउंट बंद, फ्रीज या डॉरमेंट (निष्क्रिय) हो
- रिफंड ट्रांसफर प्रोसेस के दौरान बैंक की तरफ से तकनीकी खराबी या रिजेक्शन
- पिछले सालों के बकाया टैक्स के बदले रिफंड का एडजस्टमेंट
- ITR, TDS या इनकम की जानकारी में अंतर, जिसके लिए और वेरिफिकेशन की जरूरत है
रिफंड नहीं आने पर क्या करें?
अगर रिफंड नहीं आता है तो सबसे पहले टैक्स नोटिस चेक करें। ऐसे मामले हो सकते हैं जब आपके टैक्स रिटर्न में अंतर की वजह से रिफंड जमा न हो, और ऐसी स्थिति में आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से सूचना या नोटिस मिलेगा। किसी भी मैसेज या नोटिस का तुरंत जवाब देना चाहिए। नोटिस मिलने पर घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि धोखेबाज इसी डर का फायदा उठाकर बड़े-बड़े स्कैम करते हैं। अनजान ईमेल या टेक्स्ट मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए।
