Real Estate: रियल एस्टेट सेक्टर में घर खरीदारी का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है और इस बार फिक्की और एनरॉक द्वारा जारी सर्वे से प्राप्त आंकड़े भी इसी और इंगित करते दिख रहे है। 18 अक्टूबर 2024 को जारी सर्वे डाटा के मुताबिक 35% से ज्यादा संभावित घर खरीदारों के लिए 45 लाख से 90 लाख रुपये तक का बजट सबसे अधिक पसंदीदा बजट बना हुआ है, लेकिन प्रीमियम और लग्जरी घर काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। कम से कम 45% लोगों ने अब 90 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाले घर खरीदने को प्राथमिकता दी हैं। ऐसे यूनिट्स में अधिकतम 3 और 4 बीएचके के यूनिट्स को प्राथमिकता दी गयी है।
ज्यादा बड़े घर पसंद कर रहे हैं लोग (तस्वीर-Canva)
बड़े साइज के घरों की डिमांड में बढ़ोतरी
लेकिन जहां एक तरफ अफोर्डेबल घरों की मांग की पूर्ति नहीं हो पा रही वही बड़े साइज के घरों की मांग में वृद्धि घर खरीदारों के बदलती चॉइस को प्रदर्शित कर रहे है। मार्किट एक्सपर्ट्स के अनुसार अफोर्डेबल हाउसिंग का सबसे बड़ा चैलेंज उसकी क्वालिटी, लोकेशन, कनेक्टिविटी और फ्यूचर प्लानिंग है। अफोर्डेबल होम्स ज्यादातर मेन सिटी से दूर बनाये जाते है और वहां से आवागमन की सुविधा घर खरीदारों को सोचने पर मजबूर कर रही है। अधिक यूनिट्स बनाने के फेर में क्वालिटी कहीं पीछे छूट जाती है और अफोर्डेबल होम सामान्यतया, छोटे साइज के होते है जहां बढ़ती हुई फैमिली के लिए जगह की कमी हो जाती है।
इन वजहों से बढ़ी बड़े घरों की डिमांड
ऐसे में घर खरीदार अब रियल एस्टेट के हब के रूप में उभरते लोकेशन में बड़े साइज के घरों को प्राथिमिकता दे रहे है जिससे उनकी लोकेशन, कनेक्टिविटी और फ्यूचर प्लान की समस्या का हल मिल जा रहा है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि कोविड-19 महामारी ने लोगों के काम करने, सीखने और जीने के तरीके को पूरा परिवर्तित कर दिया है। इस कारण भी आवास की मांग को लेकर बड़ा बदलाव आया है और अब लोगों के लिए वर्कफ्रॉम होम और स्टडी फ्रॉम होम कल्चर सामान्य हो गया है। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए होमबॉयर्स अब अधिक जगह और अतिरिक्त कमरों की मांग कर रहे हैं। इस कारण भी 2 बीएचके के घरों की जगह अभी 3 बीएचके के घर ले चुके है और यही ट्रेंड 3 से 4 बीएचके के शिफ्ट में देखने को मिला है।
निर्माणाधीन प्रॉपर्टी में भी बढ़ी दिलचस्पी
प्रोमोटर्स ने घर खरीदारों के बदलते रुझानों को समझते हुए नए प्रोजेक्ट में 3 और 4 बीएचके के यूनिट्स की सप्लाई बढ़ा दी है। दिनेश गुप्ता, सचिव, क्रेडाई वेस्टर्न यूपी के मुताबिक लग्जरी के साथ-साथ अब निर्माणाधीन संपत्तियों की मांग भी अब उच्चतम स्तर पर है। सरकार की बदलती पॉलिसी और रेगुलेशन के प्रभाव से विश्वास में वृद्धि हुई है जिससे रियल एस्टेट सेक्टर में नए प्रोजेक्ट आये है तथा कीमतों में भी तेजी आयी है जिसका प्रभाव घर खरीदने की बढ़ती गतिविधि के रूप में परिलक्षित हुआ है। इसका असर त्योहारी सीजन पर भी पड़ता है जब डेवलपर की तरफ से एक्सट्रा डिस्काउंट और ऑफर दिए जाते है। कुल मिलकर त्यौहार में ये फैक्टर्स प्रॉपर्टी की खरीदारी को नयी ऊंचाई तक ले जाते हैं।
अधिकांश 3 बेडरूम वाले अपार्टमेंट पसंद
अवनीश सूद, निदेशक इरोस ग्रुप, कहते हैं कि दिल्ली-एनसीआर में डेवलपर्स लगातार मांग की निगरानी कर रहे हैं और महामारी के बाद बड़े घरों का निर्माण कर रहे हैं। बड़े साइज वाले आवासों की मांग घर खरीदारों की बढ़ती महत्वाकांक्षी भावनाओं को प्रदर्शित कर रही है। परिणामस्वरूप, प्रतिष्ठित डेवलपर्स द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट्स में काफी तेजी आई है। रेरा रजिस्ट्रेशन के दो दिनों के भीतर, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में हमारी अपस्केल प्रॉपर्टी, इरोज सम्पूर्णम की बिक्री 200 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिसमें अधिकांश खरीदारों ने तीन बेडरूम वाले अपार्टमेंट चुने।
पेश किए गए स्पेशल 3बीएचके अपार्टमेंट
हिमांशु गर्ग, निदेशक आरजी ग्रुप के मुताबिक जब हमने आरजी लग्जरी होम्स के दूसरे चरण को लॉन्च किया तो हमें बड़ी इकाइयों की बढ़ती मांग का पता चला। मांग को पूरा करने के लिए, हमने परियोजना में विशेष तीन बेडरूम वाले अपार्टमेंट पेश किए, जो ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अभी भी उचित मूल्य पर उपलब्ध हैं। साथ ही अन्य शानदार विलासिताएं भी है जो हमारी बिक्री को सपोर्ट करती है, हमारे पास सबसे बड़ा ग्रीन पोडियम है जो बहुत ताजगी प्रदान करता है। हम वर्तमान में बड़े आकार की इकाइयों को ध्यान में रखते हुए लॉन्च की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि कोविड की विषमताओं के बाद उपभोक्ता मांग की संभावनाओं ने हमें मजबूत किया है।
