RBI ने बेकाबू महंगाई पर बुलाई विशेष बैठक,जानें क्या उठ सकते हैं सख्त कदम

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 27, 2022, 07:32 PM IST

RBI Special Meeting on Inflation: आरबीआई अधिनियम की धारा 45 ZN के प्रावधानों के तहत मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन नवंबर को एक विशेष बैठक बुलाई गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत (दो प्रतिशत कम या अधिक) पर सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद आरबीआई मुद्रास्फीति को छह प्रतिशत के भीतर सीमित रख पाने में नाकाम रहा है।

KEY HIGHLIGHTS
  • सितंबर महीने में 5 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी।
  • कीमतें बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाद्य महंगाई दर है जो सितंबर में 8.60 फीसदी पर पहुंच गई।
  • आरबीआई महंगाई पर काबू पाने के लिए मई से अब तक 1.90 फीसदी रेपो रेट बढ़ा चुका है।

RBI Special Meeting on Inflation:भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बेकाबू महंगाई को देखते हुए 3 नवंबर को एमपीसी (MPC) की एक विशेष बैठक बुलाई है। जिसमें मुद्रास्फीति (Inflation) को लगातार तीन तिमाहियों तक छह प्रतिशत से नीचे रख पाने में नाकामी से जुड़ी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। आरबीआई द्वारा बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि कि आरबीआई अधिनियम की धारा 45 ZN के प्रावधानों के तहत मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन नवंबर को एक विशेष बैठक बुलाई गई है।आरबीआई अधिनियम की इस धारा में प्रावधान है कि मुद्रास्फीति को सरकार की तरफ से तय सीमा के भीतर रख पाने में नाकाम रहने पर केंद्रीय बैंक को इसके बारे में सरकार को रिपोर्ट देनी पड़ती है।

RBI Special Meeting on Inflation

आरबीआई ने विशेष बैठक में क्या होगा

महंगाई काबू रखने में नाकाम रहा है रिजर्व बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत (दो प्रतिशत कम या अधिक) पर सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद आरबीआई मुद्रास्फीति को छह प्रतिशत के भीतर सीमित रख पाने में नाकाम रहा है। इस साल जनवरी से ही मुद्रास्फीति लगातार छह प्रतिशत के ऊपर बनी हुई है। इस तरह आरबीआई लगातार तीन तिमाहियों से अपने मुद्रास्फीति लक्ष्य को हासिल करने में नाकाम रहा है लिहाजा वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप उसे सरकार को इस पर रिपोर्ट देनी होगी। आरबीआई मई से अब तक रेपो दर में 1.90 फीसदी की बढ़ोतरी कर चुका । जिससे रेपो रेट 5.90 फीसगी पर पहुंच गई है। इसकी वजह से कर्ज लगातार महंगा हुआ और लोगों पर ईएमआई का बोझ भी बढ़ता जा रहा है। जिस तरह से आरबीआई ने विशेष बैठक बुलाई है, उससे इस बात की भी संभावना है कि वह जल्द ही फिर से कर्ज महंगा कर सकता है। और महंगाई रोकने के लिए दूसरे सख्त कदम उठा सकता है।

End of Feed