RBI Governor On 500 And 1000 Rupees Note: जब से आरबीआई ने 2000 के नोट को जमा कराने का ऐलान किया है, उसके बाद से ही 500 के नोट बंद करने और 1000 के नोट दोबारा शुरू होने को लेकर चर्चा गर्म है। बृहस्पतिवार को मौद्रिक समीक्षा नीति (Monetary Policy) पेश करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस संबंध में अहम जानकारी दी है। आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि 500 के नोट न तो बंद किए जाएंगे और न हीं 1000 के नोट दोबारा शुरू करने का फिलहाल कोई विचार है। ऐसे में लोग किसी तरह के अंदाजा नहीं लगाए।
500 और 1000 रुपये के नोट पर आरबीआई गवर्नर का ऐलान
1000 के नोट लोकर चर्चा है गरम
असल में जब से आरबीआई ने 2000 के नोट बदलने के निर्देश दिए हैं। उससे यह साफ है कि कुछ समय बाद बैंक 2000 के नोटों को बंद कर सकता है। ऐसे में इस बात की जोरों से चर्चा है कि आरबीआई 2000 के नोट बंद करने के बाद 1000 के नोट की वापसी कर सकता है। इसके अलावा इस बात की भी चर्चा है कि जिस तरह देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ा है, उसे देखते हुए आने वाले समय में 500 के नोट भी बंद हो सकते हैं। इसलिए आरबीआई गवर्नर ने सारे कयासों पर विराम देने की कोशिश की है।
2000 के आधे नोट हुए जमा
आरबीआई के मुताबिक जब 2000 के नोटों को वापस लेने की घोषणा की गई थी, तब सर्कुलेशन में मौजूद इन नोटों की वैल्यू 3.6 लाख करोड़ रुपये थी। अब आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने जानकारी दी है कि 2,000 रुपये के नोटों में से 1.80 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग आधे 2000 के नोट वापस आ गए हैं।रॉयटर्स की रिपोर्ट में बैंकरों के हवाले से बताया गया कि करीब तीन-चौथाई भारतीय (75 फीसदी लोग) अब तक बैंक खातों में नोट जमा करने का ऑप्शन चुन रहे हैं। जबकि कम ही लोग 2000 रु के नोटों को बदलवाने का ऑप्शन चुन रहे हैं।
