RBI Gold Reserve: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सोने की खरीदारी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसके पीछे का कारण हैं, जिनमें गिरते रुपये को सहारा देना शामिल है। आरबीआई का टारगेट FY25 के अंत तक 50 टन सोना खरीदने का है। केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार को भी बढ़ा रहा है। साथ ही आरबीआई डॉलर के मुकाबले रुपए में उतार-चढ़ाव को भी कम करना चाहता है। आरबीआई पिछले साल अक्टूबर से ही सोने की खरीदारी में वृद्धि कर चुका है। सोने की खरीदारी बढ़ाने से फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में गोल्ड का हिस्सा काफी अधिक और मजबूत हो जाएगा। फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व के में गोल्ड रिजर्व का हिस्सा सितंबर में रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। इससे डॉलर के मुकाबले रुपये को सहारा मिला। ये वे तमाम कारण हैं, जिनके चलते आरबीआई पहले से अधिक सोना खरीद रहा है।
आरबीआई अधिक सोना खरीद रहा है
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महंगाई से निपटने में कारगर
टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार आरबीआई का कहना है कि इसका गोल्ड रिजर्व मुख्य रूप से फॉरेन करेंसी एसेट्स के पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन लाने और मुद्रास्फीति और करेंसी से जुड़े जोखिमों से सुरक्षा देने में सहायक है।
कितना सोना खरीद लिया
वित्त वर्ष 2024-25 में अप्रैल से सितंबर के दौरान आरबीआई कुल 32.63 टन सोना खरीद चुका है। इससे भारत का गोल्ड रिजर्व 52.67 अरब डॉलर से बढ़कर 65.74 अरब डॉलर हो गया। रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत का 324.01 मीट्रिक टन गोल्ड बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के पास है।
जब गिरवी रखना पड़ा था सोना
भारत के लिए सोना बहुत अहम है। दरअसल 1991 में भारत को डिफॉल्टर होने से बचने के लिए अपना 87 टन सोना गिरवी रखना पड़ा था। तब भारत को इमर्जेंसी के लिए फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व मिला जिससे आयात के लिए विदेशी करेंसी की पेमेंट हो पाई।
