टिकट बुक करना आसान, कैंसिल करना भारी! रेलवे की नो-रिफंड पॉलिसी ने यात्रियों को चौंकाया

आज के जमाने में ट्रेन टिकट बुक करना चंद मिनटों का काम है, लेकिन कैंसिल करते वक्त यात्रियों को बड़ा झटका लग सकता है। खासतौर पर तत्काल कंफर्म टिकट में रिफंड न मिलने का नियम कई लोगों को हैरान कर देता है। रेलवे की इस नो-रिफंड पॉलिसी की वजह और इससे जुड़े नियम जानना हर यात्री के लिए जरूरी है।

ट्रेन यात्रा में अचानक बने प्लान के लिए तत्काल टिकट लाखों यात्रियों का सबसे बड़ा सहारा बन चुका है। मेडिकल इमरजेंसी हो, किसी जरूरी काम से तुरंत निकलना हो या आखिरी समय पर यात्रा तय हो, ऐसे में लोग बिना ज्यादा सोचे तत्काल टिकट बुक कर लेते हैं। लेकिन परेशानी तब शुरू होती है जब किसी वजह से यात्रा रद्द करनी पड़े और कंफर्म तत्काल टिकट कैंसिल करने पर एक भी रुपया वापस न मिले। यही वजह है कि रेलवे की नो रिफंड पॉलिसी इन दिनों चर्चा में है।

Indian Railway Ticket

हाल ही में भारतीय रेलवे की तत्काल टिकट रिफंड पॉलिसी को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि जैसे ही कोई यात्री अपना कंफर्म तत्काल टिकट कैंसिल करता है, रेलवे वही सीट तुरंत वेटिंग लिस्ट में शामिल किसी दूसरे यात्री को दे देता है। ऐसे में एक ही सीट के लिए रेलवे दो बार किराया वसूलता है, जिसे याचिकाकर्ता ने अनुचित और यात्रियों के साथ अन्याय बताया है।

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