सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड के शेयरों में शुक्रवार, 30 मई को 13% की तेज़ी देखी गई। कंपनी ने मार्च 2025 को समाप्त तिमाही के लिए उम्मीद से बेहतर मुनाफा दर्ज किया, जिससे निवेशकों की भावनाओं को बल मिला। सुबह 9:18 बजे NSE पर इसका शेयर 12.5% बढ़कर ₹73.61 तक पहुंच गया। कंपनी ने चौथी तिमाही में ₹1,181 करोड़ का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹254 करोड़ था। यह वृद्धि मुख्यतः ₹600 करोड़ के डिफर्ड टैक्स लाभ के चलते हुई। पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹2,072 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹660 करोड़ था।
सुजलॉन एनर्जी के शेयर का टारगेट प्राइस।
राजस्व और EBITDA में जबरदस्त वृद्धि
कंपनी की कुल परिचालन आय 73.2% बढ़कर ₹3,773.5 करोड़ रही, जबकि EBITDA 99% बढ़कर ₹677 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 17.94% रहा, जो पिछले वर्ष 15.62% था।
ब्रोकरेज का रुख सकारात्मक, टारगेट प्राइस में इजाफा
नुवामा ने Q4 में सुजलॉन की डिलीवरी 573MW बताई, जो उनके अनुमान 475MW से अधिक है। हालांकि रियलाइजेशन उम्मीद से कम रहे। कंपनी को भारत सरकार की RTC पावर और हाइब्रिड टेंडर्स में लाभ मिलने की संभावना जताई गई है। नुवामा ने होल्ड रेटिंग कायम रखते हुए टारगेट प्राइस ₹68 तय किया।
मॉर्गन स्टेनली ने सुजलॉन पर 'ओवरवेट' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹77 रखा है। FY26 में कंपनी ने WTG वॉल्यूम, राजस्व, EBITDA और PAT में 60% की सालाना वृद्धि का मार्गदर्शन दिया है।
मोतिलाल ओसवाल ने कहा कि कंपनी के डिलीवरी और EBITDA अनुमान से क्रमशः 15% और 38% ज्यादा रहे हैं। उन्होंने 'बाय' कॉल को दोहराते हुए टारगेट प्राइस ₹83 किया है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
