Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana: भारत सरकार द्वारा रोजगार को बढ़ावा देने और कर्मचारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) का लक्ष्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और ग्रामीण उद्यमों सहित सभी क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना, रोजगार से जुड़ी योग्यता बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
जल्द आएगी 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' की राशि (Photo: X handle/@officialepfo)
प्रोत्साहन राशि जल्द होगी जारी
इस योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि (Incentive Amount) जल्द जारी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि योग्य कर्मचारियों को समय पर आर्थिक लाभ मिले, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
फेस ऑथेंटिकेशन है जरूरी
इस योजना का लाभ लेने के लिए कर्मचारियों को फेस ऑथेंटिकेशन की जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह एक डिजिटल वेरिफिकेशन प्रक्रिया है, जिसमें कर्मचारी की पहचान चेहरे के माध्यम से सत्यापित की जाती है। अगर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो प्रोत्साहन राशि मिलने में देरी हो सकती है।
बैंक खाता DBT सक्षम होना चाहिए
सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि सीधे कर्मचारियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसके लिए यह जरूरी है कि आपका बैंक खाता DBT (Direct Benefit Transfer) सक्षम हो। DBT सक्षम खाता होने से पैसा सीधे और सुरक्षित तरीके से आपके खाते में पहुंचता है, जिससे किसी तरह की धोखाधड़ी या देरी की संभावना कम हो जाती है।
डिजिटल प्रक्रिया से बढ़ेगी पारदर्शिता
फेस ऑथेंटिकेशन और DBT जैसी डिजिटल प्रक्रियाओं के इस्तेमाल से पूरी प्रणाली अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि लाभ सही व्यक्ति तक ही पहुंचे।
योजना के दो जरूरी हिस्से
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) को दो भागों में बांटा जाता है-
भाग ए
इस भाग में उन कर्मचारियों को फायदा मिलेगा, जो पहली बार नौकरी कर रहे हैं। उन्हें एक महीने की EPF सैलरी के बराबर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 15,000 रुपए है। यह पैसा एक साथ नहीं, बल्कि दो किस्तों में मिलेगा। पहली किस्त 7,500 रुपए तक तब मिलेगी, जब कर्मचारी लगातार 6 महीने नौकरी पूरी कर लेगा। दूसरी किस्त तब मिलेगी, जब कर्मचारी 12 महीने नौकरी पूरी कर ले और एक फाइनेंशियल लिटरेसी प्रोग्राम भी पूरा कर ले। दूसरी किस्त का पैसा सीधे हाथ में नहीं, बल्कि कुछ समय के लिए सेविंग अकाउंट या बचत योजना में जमा किया जाएगा।
भाग बी
इस भाग में नियोक्ता (कंपनी/संस्थान) को फायदा मिलता है। अगर कोई कंपनी नए लोगों को नौकरी देती है और उन्हें कम से कम 6 महीने तक बनाए रखती है तो सरकार उस कंपनी को हर कर्मचारी पर हर महीने 3,000 रुपए तक की प्रोत्साहन राशि देती है।
