PPF Vs FD: आम निवेशकों के बीच PPF और बैंक FD, दोनों पॉपुलर इन्वेस्टमेंट स्कीम है। दोनों के निवेश पर निवेशकों को गारंटीड रिटर्न मिलता है। इतना ही नहीं, निवेश पर जोखिम बिल्कुल नहीं होता है। अब सवाल उठता है कि अगर लॉन्ग टर्म के लिए किसी निवेशक को निवेश करना है तो इन दोनों में उसके लिए कौन बेहतर विकल्प होगा? हम आपके यहां इन दोनों स्कीम पर मिलने वाले ब्याज दर, टैक्स छूट और लॉक-इन अवधि के आधार पर तुलना कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि लॉन्ग टर्म के लिए इन दोनों में कौन है बेस्ट?
PPF बनाम FD
जोखिम नहीं चाहिए तो FD और PPF में करें निवेश
अगर आप अपने निवेश पर बिल्कुल जोखिम नहीं लेना चाहते हैं तो ये दोनों विकल्प बेस्ट हैं। ज़्यादातर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) 6 से 7% के बीच सालाना रिटर्न देते हैं, लेकिन रिटर्न की गारंटी होती है, जिससे निवेशक अपने पोर्टफोलियो का एक हिस्सा इन योजनाओं में लगाने के लिए प्रोत्साहित होते हैं। PPF पर अभी 7.1% की दर से ब्याज मिल रहा है। साथ ही पीपीएफ चुनने का कारण यह है कि आप अपने पैसे को 'लॉक-इन' रखें ताकि वह हाथ से न फिसले। हममें से कुछ लोगों में खर्च करने की प्रवृत्ति ज्यादा होती है, जिससे हमें तनख्वाह से तनख्वाह तक गुजारा करना पड़ता है। ऐसे निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे हर साल कुछ पैसा किसी निश्चित आय वाले साधन में लॉक-इन अवधि के साथ निवेश करें।
FD बनाम PPF: कौन सा बेहतर निवेश विकल्प?
1. रिटर्न: ज्यादातर बैंक एक साल की FD पर नियमित निवेशकों को 6.25% और वरिष्ठ नागरिकों को 6.75% का रिटर्न देते हैं। लंबी अवधि की FD पर, आप लगभग 6.5-6.6% प्रति वर्ष (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7%) कमा सकते हैं। वहीं, PPF 7.1% प्रति वर्ष की दर प्रदान करता है, जो कि अधिकांश बैंकों द्वारा अपनी सावधि जमा पर दी जाने वाली दर से थोड़ा अधिक है। रिटर्न दर के दृष्टिकोण से देखा जाए तो PPF, FD से बेहतर है।
2. टैक्स छूट: FD पर होने वाली आय (ब्याज) आपके स्लैब के अनुसार कर योग्य होती है। 10% स्लैब के अंतर्गत आने वालों को अपनी ब्याज आय पर 10% कर देना होता है। 5 साल की एफडी पर टैक्स छूट है। वहीं, PPF से होने वाली आय कर-मुक्त होती है। हालांकि नई कर व्यवस्था में पीपीएफ में निवेश पर कटौती की अनुमति नहीं है, फिर भी ब्याज आय कर-मुक्त बनी रहेगी। टैक्स छूट के लिए पीपीएफ निश्चित रूप से बेहतर है।
3. लॉक-इन अवधि: एफडी को आमतौर पर आप जब चाहें तब भुना सकते हैं। हालांकि, आपको ब्याज का नुकसान होता है। इसके विपरीत, पीपीएफ में 15 साल की लॉक-इन अवधि होती है। परिपक्वता से पहले आंशिक निकासी की अनुमति है। इसलिए, अगर आप निकासी की सुविधा चाहते हैं, तो एफडी में निवेश पीपीएफ से बेहतर है।
