PPF vs FD: कौन सा है बेस्ट सेविंग ऑप्शन? निवेश से पहले समझें

पीपीएफ में किए गए निवेश पर धारा 80सी के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है। प्राप्त ब्याज भी कर-मुक्त होता है, और परिपक्वता राशि भी कर-मुक्त होती है। वहीं, 5 साल की एफडी पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है।

आम निवेशकों के बीच पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) काफी पॉपुलर हैं। ऐसा इसलिए कि दोनों पर निवेशकों को फिक्स रिटर्न मिलता है। साथ ही सरकारी गारंटी भी है। यानी रिस्क फ्री निवेश पर फिक्स रिटर्न। अब सवाल यह है कि यदि दोनों निवेश स्कीम की तुलना की जाए तो इनमें कौन बेस्ट है? फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि PPF एक लंबी अवधि की रिटायरमेंट स्कीम है, जिसमें निवेशकों को टैक्स छूट भी मिलता है। वहीं, FD बहुउद्देशीय अल्पावधि से मध्यम अवधि की इन्वेस्टमेंट स्कीम हैं जिनमें फिक्स रिटर्न के साथ टैक्स छूट का लाभ मिलता है। इनमें से किसी एक को चुनना इस बात पर निर्भर करता है कि निवेशक लिक्विडिटी को महत्व दे रहा या टैक्स सेविंग और कंपाउंडिंग इंटरेस्ट को।

निवेश

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पीपीएफ में 15 साल की लॉक-इन अवधि

पीपीएफ 15 साल के लिए लॉक-इन अवधि है। यानी 15 साल तक पैसे निकालने की अनुमति नहीं होती है। हालांकि, सातवें साल के बाद भी निकासी की सुविधा मिलती है। इसलिए यह स्कीम रिटायरमेंट या बच्चों की शिक्षा के लिए उपयुक्त है। वहीं, दूसरी ओर, एफडी की अवधि 7 दिनों से लेकर 10 साल तक होती है और समय से पहले निकासी पर आमतौर पर जुर्माना लगता है। अगर आप अपने पैसे तुरंत निकालना चाहते हैं, तो एफडी ज्यादा सुविधाजनक है, जबकि पीपीएफ के लिए धैर्य और लगन की जरूरत होती है।

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