PPF vs ELSS vs NPS: टैक्स सेविंग के बेहतरीन विकल्प, 5000 रुपये महीना निवेश किया तो 15 साल में कितना मिलेगा रिटर्न?

PPF vs ELSS vs NPS: पीपीएफ, ईएलएसएस और एनपीएस तीन प्रमुख टैक्स सेविंग निवेश विकल्प हैं। इनमें जोखिम, लॉक-इन और रिटर्न अलग हैं। 5,000 रुपये मासिक निवेश पर 15 वर्षों में अलग-अलग फंड कितना बन सकता है।

PPF vs ELSS vs NPS: टैक्स बचाने और भविष्य के लिए पैसा जमा करने के लिए भारत में तीन निवेश विकल्प (tax saving investments) काफी लोकप्रिय हैं। जिसमें हैं PPF, ELSS और NPS। ये तीनों स्कीम टैक्स में राहत तो देती ही हैं, लेकिन इनके नियम, लॉक-इन पीरियड और रिटर्न अलग-अलग होते हैं। अगर कोई व्यक्ति हर महीने 5,000 रुपये इन योजनाओं में 15 साल तक निवेश करता है, तो उसे कितना फायदा हो सकता है, इसे आसान भाषा में समझते हैं।

PPF vs ELSS vs NPS

टैक्स बचाने के लिए PPF, ELSS और NPS निवेश विकल्प (तस्वीर-istock)

PPF: सुरक्षित निवेश का भरोसेमंद विकल्प

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक सरकारी स्कीम है, जो खासतौर पर उन लोगों के लिए सही है जो बिना जोखिम के निवेश करना चाहते हैं। इसमें 15 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, यानी आप इस अवधि से पहले पैसा पूरी तरह नहीं निकाल सकते। हालांकि इसे आगे 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। इस योजना में आप साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं। टैक्स के मामले में यह काफी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें निवेश, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पैसा, तीनों टैक्स फ्री होते हैं। अभी PPF पर करीब 7.1% सालाना ब्याज मिलता है। अगर कोई व्यक्ति हर महीने 5,000 रुपये निवेश करता है, तो 15 साल में कुल 9 लाख रुपये जमा होंगे। इस पर उसे करीब 16.2 लाख रुपये तक का फंड मिल सकता है। यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो सुरक्षित और स्थिर रिटर्न चाहते हैं।

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