PM Surya Ghar Yojana : केंद्र सरकार ने देश में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए “पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना” की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम लोगों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाना है, ताकि वे खुद बिजली बना सकें और बिजली के बढ़ते बिल से राहत पा सकें। सरकार का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2026-27 तक एक करोड़ परिवारों के घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाया जाए। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने फरवरी 2024 में ₹75,021 करोड़ रुपये के बड़े बजट के साथ इस योजना को शुरू किया।
पीएम मुफ्त बिजली योजना के तहत 7.71 लाख परिवारों का बिजली बिल शून्य हुआ। (तस्वीर-istock)
कितने परिवारों को मिला लाभ
न्यूज एजेंंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक नवीन और रिन्यु्अल एनर्जी राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में इस योजना की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 9 दिसंबर 2025 तक देश भर में 19,45,758 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इन सोलर सिस्टमों से 24,35,196 परिवारों को सीधा लाभ मिला है। इसका मतलब यह है कि लाखों परिवार अब अपनी जरुरत की बिजली खुद पैदा कर रहे हैं और पारंपरिक बिजली पर उनकी निर्भरता कम हो गई है।
जीरो बिजली बिल की बड़ी राहत
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे कई परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। मंत्री के अनुसार, अब तक 7,71,580 परिवारों का बिजली बिल शून्य आया है। यानी ये परिवार हर महीने बिजली का कोई पैसा नहीं दे रहे हैं। यह खासतौर पर मिडिल क्लास और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत है, क्योंकि बिजली का खर्च उनके घरेलू बजट का एक बड़ा हिस्सा होता है।
सरकार की वित्तीय मदद
सरकार इस योजना के तहत लोगों को आर्थिक सहायता भी दे रही है, ताकि वे आसानी से सोलर पैनल लगवा सकें। 9 दिसंबर 2025 तक ₹13,926.25 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता लाभार्थियों को जारी की जा चुकी है। इसके अलावा, जो परिवार एकमुश्त खर्च नहीं कर सकते, उनके लिए आसान लोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। अब तक 8,30,617 लोन आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिससे यह साफ है कि बड़ी संख्या में लोग इस योजना में रुचि दिखा रहे हैं।
पर्यावरण और देश को होने वाले फायदे
पीएम सूर्य घर योजना से न केवल लोगों के पैसे बच रहे हैं, बल्कि पर्यावरण को भी बड़ा फायदा हो रहा है। सोलर ऊर्जा से बिजली बनाने पर कोयला और अन्य प्रदूषणकारी ईंधनों की जरूरत कम होती है। इससे कार्बन उत्सर्जन घटता है, हवा साफ होती है और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मदद मिलती है। साथ ही, देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलता है।
पीएम-कुसुम योजना का योगदान
इसी से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण योजना पीएम-कुसुम योजना भी है, जिसका उद्देश्य किसानों को सोलर ऊर्जा से जोड़ना है। मंत्री ने बताया कि इस योजना ने किसानों को ऊर्जा दाता के रूप में सशक्त बनाया है। अब तक इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 20 लाख से अधिक हो चुकी है। किसान अब अपनी जमीन पर सोलर पंप और सोलर प्लांट लगाकर न केवल अपनी सिंचाई की जरुरत पूरी कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी कमा रहे हैं।
कुल मिलाकर, पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना देश के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रही है। इससे लाखों परिवारों को सस्ती या मुफ्त बिजली मिल रही है, सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है और देश पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में जब यह योजना अपने लक्ष्य तक पहुंचेगी, तो भारत सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो सकता है।
