अब सिंथेटिक फ्यूल से उड़ेंगे विमान! जानिए पारंपरिक ATF से यह कितना अलग और कहां बनता है?

भारत के ऊर्जा क्षेत्र को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) को सिंथेटिक फ्यूल के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है।

केंद्र सरकार ने एविएशन सेक्टर में बड़ा और भविष्य को ध्यान में रखने वाला कदम उठाया है। Petroleum and Natural Gas Ministry ने एक नई अधिसूचना जारी कर Aviation Turbine Fuel (ATF) की परिभाषा और उससे जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इस बदलाव का उद्देश्य तेजी से बदल रहे ईंधन मानकों और नई तकनीकों के साथ तालमेल बिठाना है, खासकर तब जब दुनिया भर में क्लीन और वैकल्पिक ईंधनों की मांग बढ़ रही है।

Aviation Turbine Fuel

Aviation Turbine Fuel (Photo: iStock)

ATF को सिंथेटिक फ्यूल के साथ मिलाकर इस्तेमाल

Aviation Turbine Fuel (Photo: istock)

नई अधिसूचना के तहत अब Aviation Turbine Fuel को सिंथेटिक फ्यूल के साथ मिलाकर (ब्लेंड करके) इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी गई है। पहले ATF को पारंपरिक हाइड्रोकार्बन ईंधन के रूप में ही परिभाषित किया जाता था, लेकिन अब इसमें सिंथेटिक हाइड्रोकार्बन को भी शामिल कर दिया गया है। इससे ईंधन की परिभाषा ज्यादा व्यापक हो गई है और उद्योग को स्पष्ट दिशा मिल गई है।

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