Petrol Diesel Price: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि वैश्विक बाजार में तेल की अधिकता से ईंधन की कीमतों में गिरावट आ सकती है। इससे न केवल आम जनता को राहत मिलेगी बल्कि मुद्रास्फीति पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
वैश्विक बाजार में तेल की अधिकता! पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट संभव?
विजयवाड़ा में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुरी ने कहा कि भारत ने अमेरिका के नए प्रशासन से संपर्क कर लिया है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और मजबूत होगा।
तेल उत्पादकों पर दबाव, कीमतों में कटौती संभव
भारत अर्जेंटीना सहित 40 देशों से कच्चा तेल खरीदता है। वैश्विक स्तर पर पर्याप्त तेल उपलब्ध होने से तेल उत्पादकों को कटौती के फैसले पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘ड्रिल, बेबी, ड्रिल’ नीति से तेल उत्पादन में तेजी आने की संभावना।
डॉलर में लेन-देन जारी रहेगा
पुरी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का उद्देश्य तेल खरीद में डॉलर को हटाना नहीं है। उन्होंने कहा, "अधिकांश लेन-देन डॉलर में होते हैं और आगे भी होते रहेंगे।" मंत्री ने कहा कि यदि तेल सस्ते दामों पर उपलब्ध होता है, तो इससे मुद्रास्फीति पर नियंत्रण पाया जा सकता है। तेल की कीमतों में गिरावट से आम जनता और उद्योगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट में सुधार की संभावना। भारत का प्राथमिक उद्देश्य सस्ती दरों पर पर्याप्त तेल आयात करना है।
भाषा इनपुट के साथ
