Paytm Bonus Share : डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड पहली बार अपने शेयरधारकों को बोनस शेयर देने की योजना बना रही है। कंपनी ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब उसने पहली बार पूरे वित्त वर्ष में मुनाफा दर्ज किया है और अपने पेमेंट व वित्तीय सेवा कारोबार में अपनी स्थिति मजबूत की है। पेटीएम ने शेयर बाजारों को दी गई जानकारी में बताया कि कंपनी का निदेशक मंडल 20 जुलाई को होने वाली बैठक में बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव पर चर्चा करेगा। इसी बैठक में कंपनी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (30 जून को समाप्त तिमाही) के वित्तीय नतीजों पर भी विचार करेगी।
Paytm निवेशकों के लिए खुशखबरी! पहली बार फ्री शेयर बांटने की तैयारी में कंपनी
20 जुलाई की बैठक में होगा फैसला
कंपनी ने बताया कि बोनस शेयर जारी करने का अंतिम फैसला बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मंजूरी और अन्य जरूरी स्वीकृतियों के बाद लिया जाएगा। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो बोर्ड उसी बैठक में बोनस शेयर का अनुपात और रिकॉर्ड डेट भी तय करेगा। रिकॉर्ड डेट वह तारीख होती है, जिसके आधार पर यह तय किया जाता है कि कौन-कौन से शेयरधारक बोनस शेयर पाने के योग्य होंगे।
पहली बार बोनस शेयर देने की तैयारी
वन 97 कम्युनिकेशंस (One97 Communications) ने अपने इतिहास में पहली बार बोनस शेयर जारी करने की योजना बनाई है। कंपनी का यह फैसला उसकी वित्तीय स्थिति में सुधार और भविष्य की ग्रोथ को लेकर भरोसे को दर्शाता है। बोनस शेयर के जरिए कंपनी अपने मौजूदा निवेशकों को अतिरिक्त शेयर देती है। इसके लिए शेयरधारकों को कोई अतिरिक्त पैसा नहीं देना पड़ता है। ये शेयर कंपनी के रिजर्व और सरप्लस से जारी किए जाते हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को हुआ मुनाफा
पेटीएम के लिए पिछला वित्त वर्ष काफी महत्वपूर्ण रहा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 552 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 663 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। घाटे से मुनाफे में वापसी को कंपनी के कारोबार में सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। कंपनी ने पेमेंट सर्विस, डिजिटल लेनदेन और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की है। यही वजह है कि अब वह निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए बोनस शेयर जारी करने पर विचार कर रही है।
क्या होते हैं बोनस शेयर?
बोनस शेयर ऐसे अतिरिक्त शेयर होते हैं, जो कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को मुफ्त में देती है। यह शेयरधारकों की मौजूदा हिस्सेदारी के अनुपात में जारी किए जाते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर कोई कंपनी 1:1 बोनस शेयर जारी करती है, तो शेयरधारक को हर एक शेयर के बदले एक अतिरिक्त शेयर मिल जाता है। हालांकि, बोनस शेयर जारी होने के बाद कंपनी के शेयरों की कीमत में आमतौर पर उसी अनुपात में बदलाव आता है, क्योंकि कंपनी के कुल शेयरों की संख्या बढ़ जाती है।
खुदरा निवेशकों के लिए बढ़ सकती है पहुंच
बोनस शेयर जारी होने से छोटे निवेशकों के लिए कंपनी के शेयर अधिक आकर्षक और सुलभ हो सकते हैं। पेटीएम का शेयर लंबे समय से 1,000 रुपये से ऊपर कारोबार कर रहा है, ऐसे में बोनस शेयर आने से प्रति शेयर कीमत कम हो सकती है और छोटे निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है। कंपनियां आमतौर पर तब बोनस शेयर जारी करती हैं, जब उन्हें अपने कारोबार की लंबी अवधि की संभावनाओं पर भरोसा होता है और वे निवेशकों के साथ अपनी सफलता साझा करना चाहती हैं।
निवेशकों की नजर अब बोर्ड बैठक पर
अब निवेशकों की नजर 20 जुलाई को होने वाली पेटीएम की बोर्ड बैठक पर है। इस बैठक में बोनस शेयर का अनुपात, रिकॉर्ड डेट और अन्य जरूरी फैसलों की जानकारी सामने आ सकती है। अगर बोर्ड प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो यह पेटीएम के शेयरधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा होगी और कंपनी की बदलती वित्तीय स्थिति को भी दिखाएगी।
