Paytm Discontinues Inter-Company Agreements: पेटीएम ने ऐलान किया कि वह पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ रेगुलेटर कार्रवाई के बीच अपने आप को पेटीएम पेमेंट्स बैंक से अलग करने के लिए कदम उठाएगा। पेटीएम ने कहा कि वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (पेटीएम) ने बताया कि कंपनी और उसकी सहयोगी यूनिट पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) ने पीपीबीएल के स्वतंत्र संचालन के प्रति अपने दृष्टिकोण को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त उपाय पेश किए हैं। पेटीएम ने पहले ऐलान किया था कि वह अन्य बैंकों के साथ नई साझेदारी पर हस्ताक्षर करेगी और अपने ग्राहकों और व्यापारियों के लिए निर्बाध सेवाएं प्रदान करने के लिए कदम उठाएगी।
Paytm Payments Bank से अलग होगा Paytm
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक निर्भरता कम करने की इस प्रक्रिया के हिस्से के रूप में पेटीएम और PPBL ने पारस्परिक रूप से पेटीएम और इसकी ग्रुप संस्थाओं के साथ विभिन्न इंटर-कंपनी एग्रीमेंट्स को बंद करने पर सहमति व्यक्त की है। इसके अलावा पीपीबीएल के शेयरधारक अपने शेयरधारकों से स्वतंत्र, पीपीबीएल के गवर्नेंस को सपोर्ट करने के लिए शेयरहोल्डर्स (SHA) को आसान बनाने पर सहमत हुए हैं। ओसीएल बोर्ड ने 1 मार्च 2024 को एग्रीमेंट्स को खत्म करने और SHA में संशोधन को मंजूरी दे दी।
पेटीएम में लेनदेन की समय सीमा 15 मार्च तक
31 जनवरी को RBI ने PPBL को 29 फरवरी के बाद किसी भी कस्टमर के अकाउंट, प्रीपेड उपकरण, वॉलेट, फास्टैग और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड में डिपॉजिट, क्रेडिट लेनदेन या टॉप-अप स्वीकार करना बंद करने को कहा था। लेकिन बाद में यह समय सीमा 15 मार्च तक बढ़ा दी गई।
पेटीएम के संस्थापक दे चुके हैं इस्तीफा
इस हफ्ते की शुरुआत में सोमवार को पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने पेमेंट्स बैंक के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया। जिसने इसके डायरेक्टर्स की जगह नए डायरेक्टर्स को शामिल किया। जिनमें ज्यादातर बैंकिंग सेक्टर्स और ब्यूरोक्रेट्स थे। । पुनर्गठित बोर्ड में अब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन श्रीनिवासन श्रीधर, रिटायर आईएएस अधिकारी देबेंद्रनाथ सारंगी और रजनी शेखरी सिब्बल साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व कार्यकारी निदेशक अशोक कुमार गर्ग शामिल हैं। आरबीआई की स्कूटनी के अलावा पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पोर्टल भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दायरे में था। केंद्रीय एजेंसी ने यह पता लगाने के लिए दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की थी कि क्या फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत कोई उल्लंघन हुआ था। ईडी को अपनी जांच के दौरान कोई FEMA उल्लंघन नहीं मिला।
पेटीएम में हिस्सेदारी कम कर रहे हैं जापानी निवेशक
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर बढ़ती जांच के बीच जापान के सॉफ्टबैंक ने भुगतान फर्म पेटीएम में अपनी हिस्सेदारी 5.01% से घटाकर 2.83% कर दी। जापानी निवेशक धीरे-धीरे पेटीएम में हिस्सेदारी कम कर रहा है क्योंकि उसने कथित तौर पर कंपनी से पूरी तरह बाहर निकलने की योजना बनाई है। पेटीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी सर्विस जांच के बीच निर्बाध रूप से चलती रहेंगी, यह कहते हुए कि वह बाजार के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
