संसद की एक समिति ने गुरुवार को आयकर विभाग से कहा है कि वह अपने ई-फाइलिंग पोर्टल और पूरे आईटी सिस्टम का “दबाव परीक्षण” (Stress Test) करे। दबाव परीक्षण का मतलब है कि सिस्टम को ज्यादा उपयोग के हालात में चलाकर यह देखा जाए कि कहीं वह धीमा तो नहीं पड़ता या उसमें कोई तकनीकी दिक्कत तो नहीं आती।
समिति का कहना है कि 1 अप्रैल से नया आयकर कानून लागू होने वाला है। (फोटो क्रेडिट-iStock)
समिति का कहना है कि 1 अप्रैल से नया आयकर कानून लागू होने वाला है, इसलिए पहले से ही यह जांच लेना जरूरी है कि पोर्टल और आईटी ढांचा पूरी तरह तैयार है या नहीं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब बड़ी संख्या में लोग रिटर्न दाखिल करें या नए कानून से जुड़े काम शुरू हों, तब पोर्टल में कोई तकनीकी गड़बड़ी न आए और करदाताओं को परेशानी न हो।
भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली वित्त संबंधी स्थायी समिति को आयकर विभाग ने जानकारी दी कि नए आयकर अधिनियम के तहत कुल 190 फॉर्म अधिसूचित किए जाने हैं। इनमें से सिर्फ 54 फॉर्म ही 31 मार्च 2026 तक तैयार हो पाएंगे।
स्टेप बाय स्टेप जारी होंगे फॉर्म
विभाग के अनुसार, बाकी फॉर्म अभी तैयार किए जा रहे हैं और उन्हें बाद में चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा। यानी नया कानून लागू होने के बाद भी सभी फॉर्म एक साथ उपलब्ध नहीं होंगे, बल्कि जरूरत और तैयारी के अनुसार धीरे-धीरे जारी किए जाएंगे। इससे विभाग को फॉर्म को सही तरीके से तैयार करने और सिस्टम को व्यवस्थित करने का समय मिल सकेगा।
समिति ने कहा, ’हम चाहते हैं कि आयकर नियमों और संबंधित फॉर्म की अधिसूचना और प्रकाशन में तेजी लाई जाए, ताकि करदाताओं और पेशेवरों को इसे अपनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।’
पुराने आयकर अधिनियम की जगह लेगा नया अधिनियम
गौरतलब है कि नया और सरल आयकर अधिनियम, 2025 छह दशक से अधिक पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा और एक अप्रैल से प्रभावी होगा। सितंबर, 2025 में ई-फाइलिंग पोर्टल पर आई तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए समिति ने कहा कि पूरे आईटी ढांचे का पहले सख्ती के साथ परीक्षण किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सॉफ्टवेयर बिना किसी रुकावट के कामकाज संभालने में सक्षम हो।
