माता-पिता के रिटायरमेंट के बाद उनकी आर्थिक सुरक्षा की चिंता हर संतान को रहती है। ऐसे में सही पेंशन स्कीम में निवेश करके उनके लिए नियमित आय का इंतजाम किया जा सकता है। आज हम आपको एक ऐसी ही शानदार सरकारी योजना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आपके माता-पिता बिना किसी आर्थिक चिंता के हर महीने ₹20,500 तक की नियमित पेंशन का लाभ उठा सकते हैं। इस सेविंग स्कीम का नाम सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) है। आइए जानते हैं इस स्कीम की पूरी डिटेल और निवेश का पूरा गणित।
पेंशन स्कीम
सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम क्या है?
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) भारत सरकार की एक लोकप्रिय और सुरक्षित सेविंग स्कीम है। इसे खासतौर पर देश के वरिष्ठ नागरिकों के लिए रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस स्कीम में निवेश की गारंटी सरकार लेती है। निवेश पर तय रिटर्न भी मिलता है। इसलिए यह स्कीम रिटायर हो चुके लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।
SCSS पर लागू ब्याज दरें
मौजूदा समय में इस स्कीम पर 8.2% की दर से ब्याज मिल रही है। हालांकि, ब्याज का निर्धारण हर तिमाही अधार पर होता है लेकिन लंबे समय से इसके ब्याज में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार आम तौर पर हर तिमाही में इस दर की समीक्षा करती है। इसीलिए, अगली समीक्षा जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के लिए तय है। साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि पांच साल है और मैच्योरिटी के बाद इसे तीन साल और बढ़ाया जा सकता है।
तिमाही आधार पर ले सकते हैं ब्याज
SCSS स्कीम की एक मुख्य विशेषता निवेशकों को हर तिमाही मिलने वाला ब्याज है। यह उन रिटायर लोगों के लिए उपयुक्त है जो रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए निवेश से होने वाली आय पर निर्भर रहते हैं। जो निवेशक और रिटायर हो चुके लोग इस स्कीम में शामिल होना चाहते हैं, वे ₹30 लाख तक का निवेश या जमा कर सकते हैं।
हर महीने ₹20,500 कैसे मिलेगा?
उदाहरण के लिए, अगर कोई रिटायर व्यक्ति प्रति पैन कार्ड ₹30 लाख (जो अधिकतम सीमा है) का निवेश 8.2% की ब्याज दर पर करता है, तो उसे सालाना ₹2.46 लाख का ब्याज मिलेगा। इसका मतलब है कि हर तिमाही में ₹61,500 या लगभग ₹20,500 प्रति माह की आय होगी। इसी तरह, ₹15 लाख के निवेश पर सालाना ₹1.23 लाख का ब्याज मिलेगा, जिससे हर तिमाही ₹30,750 का भुगतान होगा।
