Onion Price Hike By 90 Percent: नवरात्र और श्राद्ध के बाद प्याज की कीमतों में तेजी आ गई है। प्याज की कीमतें एशिया की सबसे बड़ी मंडी में पिछले 15 दिन में करीब डबल हो चुकी है। महाराष्ट्र के लासलगांव मंडी में कीमतें 24 रुपये से बढ़कर 46 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं। और इसका असर रिटेल मार्केट में भी दिख रहा है। इसकी वजह से कीमतें 55-60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। और नई फसल आने में अभी 2 महीने का समय है, इसे देखते हुए त्योहारों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
अब प्याज की बारी
दिसंबर तक रूलाएगा प्याज
लासलगांव में प्याज की थोक कीमतें 11 अक्टूबर को औसतन 2400 रुपये प्रति क्विंटल थीं। जो कि 24 अक्टूबर को औसतन 4351 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई। जबकि अधिकतम कीमतें पिछले 15 दिनों में 4646 रुपये तक पहुंच गई। कम आवक को देखते हुए सरकार ने सरकार ने अगस्त में प्याज निर्यात पर 40 फीसदी शुल्क लगा दिया था। कीमतों में बढ़ोतरी की प्रमुख वजह महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों से उतनी बड़ी मात्रा में प्याज की सप्लाई नहीं होना है। इसके अलावा ईटी की रिपोर्ट के अनुसार प्याज की बुआई भी गिरी है। जिसका असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है। और नई फसल करीब दो महीने बाद बाजार में आने की उम्मीद है।
आवक कम होने से दिखा असर
जिस तरह से प्याज की मंडियों से आवक कम हो रही है। उसकी वजह से स्टोरेज में रखा प्याज बाजार में आ रहा है। और उसकी मात्रा भी 40 फीसदी तक गिर गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अगर सप्लाई नहीं बढ़ी तो कीमतें और परेशान कर सकती है। इस बीच सरकार कीमतों को कंट्रोल करने के लिए नाफेड के जरिए कम कीमत पर प्याज बेच रही है।
