5 लाख की 1 एफडी या 1-1 लाख की पांच FD, जानिए कौन बेहतर और किसमें ज्यादा मुनाफा?

अगर आप एफडी कराने की तैयारी में हैं तो इस खबर को आपको पढ़नी चाहिए। हम आपको एफडी लैंडरिंग बता रहे हैं। इसमें पूरी रकम को एक ही FD में लगाने के बजाय कई FD में बांट दिया जाता है।

बाजार में तमाम तरह के इन्वेस्टमेंट विकल्प उपलब्ध हैं लेकिन बैंक एफडी का कोई तोड़ नहीं है। आम निवेशकों के बीच आज भी यह निवेश विकल्प सबसे पॉपुलर है। इसकी वजह इसमें मिलने वाला गारंटीड रिटर्न है। अब सवाल उठता है कि अगर आपके पास 5 लाख रुपये है क्या आपको पूरी रकम एक ही FD में निवेश करनी चाहिए या इसे कई छोटी-छोटी डिपॉजिट में बांट देना चाहिए? इसका जवाब ज्यादा रिटर्न पाने से जुड़ा नहीं है। अगर सभी डिपॉजिट पर ब्याज दर और समय-सीमा (टेन्योर) एक जैसी है, तो मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी एक जैसी ही होगी। हां, अगर आप अलग-अलग टेन्योर और बैंक का चुनाव करते हैं तो रिटर्न में अंतर दिख सकता है। ऐसा इसलिए कि अलग-अलग टेन्योर के एफडी पर बैंकों में ब्याज में अंतर होता है।

FD banks

एफडी

खैर, हम लौटते हैं कि क्या 5 लाख की एक एफडी करनी चाहिए या इसे 1-1 लाख की 5 FD करनी चाहिए। बता दें कि दोनों ही विकल्पों के अपने-अपने फायदे हैं, और सही चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आपके वित्तीय लक्ष्य क्या हैं, आपको कितनी लिक्विडिटी (नकदी) की जरूरत है, आप कितना जोखिम उठा सकते हैं और निवेश की अवधि क्या है? यहां 5 लाख रुपये को एक ही फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने और इसे कई छोटी-छोटी FD में बांटने की तुलना की गई है।

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