OMC Loss Petrol Diesel Price Hike : पश्चिम एशिया में फिर से बढ़े तनाव की वजह से क्रूड ऑयल के दाम लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने हुए हैं। वहीं, PPCA के मुताबिक इंडियन बास्केट में सितंबर में क्रूड का औसत दाम 115 डॉलर प्रति बैरल रहा है। इसकी वजह से भारत में फ्यूल की रिटेल सेल से जुड़ी इंडियन ऑयल (Indian Oil), भारत पेट्रोलियम (Bharat Petroleum) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (Hindustan Petroleum) को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
तेल कंपनियों को लगातार हो रहा घाटा
कंपनियों को कितना नुकसान हो रहा?
रेटिंग एजेंसी ICRA के मुताबिक इन तीनों कंपनियों ने आम ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल डीजल-पेट्रोल के दाम नहीं बढ़ाए हैं। लेकिन, फिलहाल इन कंपनियों डीजल पर प्रति लीटर 9 रुपये और पेट्रोल पर 8 रुपये का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा प्रत्येक घरेलू LPG सिलिंडर पर इन कंपनियों को 300 रुपये का नुकसान हो रहा है। इस तरह मोटे तौर पर तीनों कंपनियों को प्रति दिन करीब ₹530 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
डीजल पेट्रोल पर बढ़ रहा नुकसान
ICRA के मुताबिक अगर क्रूड ऑयल के दाम लगातार $105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहते हैं, तो इस साल यानी 2026-27 में कंपनियों को सिर्फ डीजल और पेट्रोल पर ही ₹64,000 करोड़ रुपये की अंडर रिकवरी का सामना करना पड़ सकता है।
क्यों बढ़ सकता है घाटा?
पश्चिम एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन और सप्लाई में रुकावटों के बीच हाल के हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी US-ईरान के बीच नए विवाद, सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के बंद होने और बाब अल-मंडेब और रेड सी इलाके के आसपास हूतियों के बढ़ते खतरे की वजह से हुई। 21 सितंबर को भारतीय क्रूड बास्केट 2025-26 के एवरेज लगभग $66 से बढ़कर $117.4 प्रति बैरल हो गया।
रिफाइनिंग मार्जिन से मिल रहा सपोर्ट
फिलहाल OMCs को दुनियाभर में बढ़े हुए फ्यूल मार्जिन से राहत मिल रही है। कंपनियां अपने रिफाइनरी ऑपरेशन में हाई ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRMs) से फायदा उठा रही हैं। इन फायदों से कंपनियों के ओवरऑल फाइनेंशियल्स को थोड़ी ही मदद मिलने की उम्मीद है। ग्लोबल कीमतों और मार्जिन में हालिया उछाल के कारण, OMCs के फाइनेंस पर दबाव बढ़ रहा है।
तीनों कंपनियों ने मिलकर अप्रैल-जून तिमाही में 18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। इसके अलावा पिछले तीन महीनों से, रिटेल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पिछली बार मई में पेट्रोल की कीमतों में चार बार में कुल 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 7.53 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इन बढ़ोतरी के बावजूद, OMCs को रिटेल फ्यूल की बिक्री पर नुकसान होता रहा।
