तेल कंपनियों पर चौतरफा मार! हर दिन 1,600 करोड़ का घाटा, क्या अब बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है।

कच्चे माल की लागत में भारी बढ़ोतरी के बावजूद सरकारी तेल विपणन कंपनियों के पंप कीमतों को स्थिर रखे हुए हैं, जिसके कारण पेट्रोल पर नुकसान बढ़कर 18 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 35 रुपये प्रति लीटर हो गया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

Oil Companies Face Rs 1600 Crore Daily Loss

सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीजल पर हो रहा नुकसान (Photo: iStock)

लंबे समय से पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर

पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, कीमतों को एक दशक से अधिक पहले विनियमन-मुक्त किए जाने के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने अप्रैल 2022 से पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।

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