NSE IPO: मसौदे के मुकाबले 15% छोटा हुआ इश्यू, अब ₹22,569 करोड़ जुटाने की तैयारी

NSE IPO में पैसा लगाने का लाखों निवेशक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच आईपीओ का साइज छोटा हो गया है। यानी बिक्री के लिए अब कम शेयर उपलब्ध होंगे।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। जून में सेबी के पास दाखिल किए गए ड्राफ्ट प्रस्ताव के मुकाबले अब आईपीओ का आकार करीब 15% घटा दिया गया है। NSE ने बिक्री पेशकश (OFS) के तहत बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या 14.9 करोड़ से घटाकर 12.64 करोड़ कर दी है। चूंकि NSE का आईपीओ पूरी तरह OFS है, इसलिए शेयरों की संख्या घटने के साथ इश्यू का कुल आकार भी कम हो गया है।

NSE IPO

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज आईपीओ

₹22,569 करोड़ तक का होगा IPO

NSE ने आईपीओ के लिए ₹1,700-1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी का आईपीओ करीब ₹22,569 करोड़ का होगा। पहले NSE के आईपीओ का आकार करीब ₹30,000 करोड़ रहने का अनुमान लगाया जा रहा था। अगर अपर प्राइस बैंड पर इश्यू आता है, तो यह देश का दूसरा सबसे बड़ा IPO होगा। इससे पहले 2024 में Hyundai Motor India का ₹27,870 करोड़ का आईपीओ सबसे बड़ा था। NSE का इश्यू 2022 में आए LIC के ₹21,000 करोड़ के आईपीओ से भी बड़ा होगा।

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